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प्राथमिकी दर्ज कर नहीं दबाई जा सकती आवाज : बेरिया
Wed, 07 Oct 2026 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:23 AM IST
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झींझक। नगर के नहर पुल के पास मंगलवार को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने बैठक का आयोजन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराकर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन ऐसा नहीं होगा।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब तक चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासनिक अधिकारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ जाकर काम करेंगे तो उनके खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार वोट चोरी के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है। हालांकि अब जनता जागरूक हो चुकी है और चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति संबंधी कानून में किए गए बदलावों और सेवानिवृत्ति के बाद की कार्रवाई से जुड़े प्रावधानों पर भी सवाल उठाए।
कहा संविधान ने प्रत्येक नागरिक को विरोध और आंदोलन करने का मौलिक अधिकार दिया है, जिसे प्राथमिकी का डर दिखाकर दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने सरकार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा कि कार्यकर्ताओं के जायज आंदोलन को कुचलने की नीयत से उन पर फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही हैं। गौरतलब है कि रविवार को जिला मुख्यालय में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के मामले में खुद शिवकुमार बेरिया के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसे उन्होंने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सरासर हनन बताया। गुड्डू यादव, आशीष, दिलीप पाल, रविंद्र पालीवाल, भारत शर्मा, सूबा खां, दीपू यादव, रमेश राजपूत, बलराम यादव, आदि मौजूद रहे।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब तक चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासनिक अधिकारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ जाकर काम करेंगे तो उनके खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार वोट चोरी के माध्यम से लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है। हालांकि अब जनता जागरूक हो चुकी है और चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति संबंधी कानून में किए गए बदलावों और सेवानिवृत्ति के बाद की कार्रवाई से जुड़े प्रावधानों पर भी सवाल उठाए।
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कहा संविधान ने प्रत्येक नागरिक को विरोध और आंदोलन करने का मौलिक अधिकार दिया है, जिसे प्राथमिकी का डर दिखाकर दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने सरकार पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा कि कार्यकर्ताओं के जायज आंदोलन को कुचलने की नीयत से उन पर फर्जी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही हैं। गौरतलब है कि रविवार को जिला मुख्यालय में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के मामले में खुद शिवकुमार बेरिया के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसे उन्होंने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सरासर हनन बताया। गुड्डू यादव, आशीष, दिलीप पाल, रविंद्र पालीवाल, भारत शर्मा, सूबा खां, दीपू यादव, रमेश राजपूत, बलराम यादव, आदि मौजूद रहे।
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