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चित्रकूट: अन्ना मवेशियों से परेशान ग्रामीणों ने बरात घर को बना दिया गोशाला
Wed, 02 Sep 2020 12:20 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 02 Sep 2020 12:20 AM IST
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बरात घर में मवेशी किए बंद
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट जिले में पहाड़ी विकास खंड क्षेत्र के पचोखर गांव में ग्रामीणों ने अन्ना मवेशियों से परेशान होक र लाखों की लागत से बने बरात घर को ही गो शाला बना डाला। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों की समस्या के बारे में अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं।
लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरी में बरात घर को अस्थायी गो शाला बनाया है। गांव के राज नारायण, गुलाब, संतोषिया देवी और चुनकू आदि ने बताया कि समस्या को लेकर खंड विकास अधिकारी को कई बार पत्र दिया गया है।
गांव में अन्ना मवेशियों से किसान परेशान हैं। गो शाला गांव में नहीं है। आए दिन फसल का नुकसान होने से परेशान ग्रामीणों ने कुछ मवेशियों को बरात घर में ही बंद कर दिया है। गांव वाले मवेशियों को भूसा, चारा भी दे रहे हैं।
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वहीं इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विपिन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद बता रहा था। प्रधान किस्मतिया देवी के पति श्यामलाल ने बताया कि उनके गांव की गो शाला आस पास के गांव से संबद्ध है।
बरात घर में मवेशियों को बंद किए जाने की सूचना ग्रामीणों ने नहीं दी है। गांव के ही लोगों ने अपने मवेशी छोड़ दिए हैं। जो आस पास घूमते नजर आते हैं। एडीओ पंचायत रूपनारायण ने बताया कि इस गांव की गोशाला नजदीक के गांव चकजाफर से संबद्ध है।
प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों से कहा गया कि जो भी अन्ना मवेशी हाें उन्हें चकजाफर गांव की गोशाला तक पहुंचा दें। बरात घर में मवेशियों को बंद करने की जानकारी उन्हें नहीं है। प्रधान व अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द ही इसका समाधान कराएंगे।
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लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरी में बरात घर को अस्थायी गो शाला बनाया है। गांव के राज नारायण, गुलाब, संतोषिया देवी और चुनकू आदि ने बताया कि समस्या को लेकर खंड विकास अधिकारी को कई बार पत्र दिया गया है।
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गांव में अन्ना मवेशियों से किसान परेशान हैं। गो शाला गांव में नहीं है। आए दिन फसल का नुकसान होने से परेशान ग्रामीणों ने कुछ मवेशियों को बरात घर में ही बंद कर दिया है। गांव वाले मवेशियों को भूसा, चारा भी दे रहे हैं।
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वहीं इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विपिन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद बता रहा था। प्रधान किस्मतिया देवी के पति श्यामलाल ने बताया कि उनके गांव की गो शाला आस पास के गांव से संबद्ध है।
बरात घर में मवेशियों को बंद किए जाने की सूचना ग्रामीणों ने नहीं दी है। गांव के ही लोगों ने अपने मवेशी छोड़ दिए हैं। जो आस पास घूमते नजर आते हैं। एडीओ पंचायत रूपनारायण ने बताया कि इस गांव की गोशाला नजदीक के गांव चकजाफर से संबद्ध है।
प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों से कहा गया कि जो भी अन्ना मवेशी हाें उन्हें चकजाफर गांव की गोशाला तक पहुंचा दें। बरात घर में मवेशियों को बंद करने की जानकारी उन्हें नहीं है। प्रधान व अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द ही इसका समाधान कराएंगे।