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लाठीचार्ज से गुस्साए ग्रामीणों ने किया पुलिस पर पथराव
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घाटमपुर। कस्बे से सटे वीरपुर गांव के सामने एक निर्माणाधीन गेस्ट हाउस में काम करते समय एचटी लाइन की चपेट में आए मजदूर की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने दस लाख रुपये मुआवजे की मांग कर हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। एसडीएम के पांच लाख मुआवजे के आश्वासन के बाद जब परिजन नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया तो जवाब में ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस को खदेड़ दिया। पथराव से एसडीएम के गाड़ी के शीशे टूट गए। करीब ढाई घंटे तक हाईवे पर अफरातफरी का माहौल रहा। जिसके बाद समझाने पर परिजन माने। जिसके बाद पुलिस ने यातायात बहाल कराया।
गुरुवार को हैलट में इलाज के दौरान मजदूर की मौत की सूचना पर ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो शाम चार बजे परिजनों के साथ ग्रामीणों ने शव कानपुर-कबरई हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम अरुण कुमार, एसओ राजीव कुमार सिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। जबकि परिजन दस लाख मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
काफी मानमनौव्वल के बाद भी जाम खोलने को राजी नहीं हुए तो पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस को खदेड़ दिया। एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने मौके से भागकर खुद को बचाया। करीब एक घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। सीओ रवि कुमार ने बताया कि मजदूर की मौत को लेकर मुआवजे की मांगकर रहे लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव कर दिया। एसडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़ करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम अरुण कुमार ने कहा कि मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। गेस्ट हाउस मालिक के खिलाफ तहरीर मिलने पर मुकदमा भी दर्ज होगा।
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गुरुवार को हैलट में इलाज के दौरान मजदूर की मौत की सूचना पर ग्रामीणों में आक्रोश पनप उठा था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो शाम चार बजे परिजनों के साथ ग्रामीणों ने शव कानपुर-कबरई हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम अरुण कुमार, एसओ राजीव कुमार सिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। जबकि परिजन दस लाख मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
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काफी मानमनौव्वल के बाद भी जाम खोलने को राजी नहीं हुए तो पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव कर पुलिस को खदेड़ दिया। एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने मौके से भागकर खुद को बचाया। करीब एक घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। सीओ रवि कुमार ने बताया कि मजदूर की मौत को लेकर मुआवजे की मांगकर रहे लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव कर दिया। एसडीएम की गाड़ी में तोड़फोड़ करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम अरुण कुमार ने कहा कि मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। गेस्ट हाउस मालिक के खिलाफ तहरीर मिलने पर मुकदमा भी दर्ज होगा।
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