{"_id":"602826658ebc3ee93162bb72","slug":"village-akbarpur-news-knp611705143","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मारक पर फूल चढ़ेंगे, घर फिर हरे होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मारक पर फूल चढ़ेंगे, घर फिर हरे होंगे
विज्ञापन
कानपुर देहात जिले के बेहमई गांव का बना शहीद स्मारक स्थल। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
राजपुर (कानपुर देहात)। बेहमई कांड के 40 साल बाद भी यहां के लोगों को इंसाफ इंतजार है। तारीख पर तारीख पड़ती मिलती जा रही है, लेकिन बेहमई कांड के पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका। 14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी ने गिरोह के सदस्यों के साथ गांव के लोगों को गोलियों को छलनी कर दिया था। इसमें 20 लोग मारे गए थे, दो घायल हुए थे। घटना में मारे गए लोगों को परिजन शहीद मानते हैं। उनकी याद में स्मारक बना है। यहां बरसी पर हर वर्ष गांव के लोग श्रद्धांजलि देते हैं।
रविवार को बेहमई कांड की 40वीं बरसी पर गांव स्थित स्मारक पर पूजन होगा। नरसंहार कांड में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में परिजन प्रति वर्ष पूजा कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बेहमई गांव के अलावा क्षेत्र के कई स्थानों से लोग बेहमई में स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। शनिवार को स्मारक की साफ-सफाई कराकर पूजा की तैयारियां की गई। पूर्व प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि स्मारक स्थल पर साफ -सफाई कराई गई है। रविवार को शहीदों की याद में पूजा प्रार्थना होगी।
मुकदमे के वादी राजाराम की कमी खलेगी
बेहमई नरसंहार कांड के गवाह व मुकदमे के वादी राजाराम सिंह की 13 दिसंबर 2020 को बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। चालीस वर्षों में पहली बार ऐसा होगा कि स्मारक स्थल पर पूजा में दिवंगत होने से राजाराम सिंह शामिल नहीं हो सकेंगे। उनके पुत्र रामकेश सिंह उर्फ खिल्लन ने बताया कि नरसंहार कांड के बाद पिता ने गांव के बाहर स्मारक स्थल बनवाया था। जिससे मारे गए निर्दोषों के याद में प्रति वर्ष पूजा कार्यक्रम का आयोजन होता है। इस बार पूजा कार्यक्रम के बाद मुकदमा में वादी के नाम का प्रस्ताव किया जाएगा। पिता की कमी खलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को बेहमई कांड की 40वीं बरसी पर गांव स्थित स्मारक पर पूजन होगा। नरसंहार कांड में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में परिजन प्रति वर्ष पूजा कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बेहमई गांव के अलावा क्षेत्र के कई स्थानों से लोग बेहमई में स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। शनिवार को स्मारक की साफ-सफाई कराकर पूजा की तैयारियां की गई। पूर्व प्रधान जयवीर सिंह ने बताया कि स्मारक स्थल पर साफ -सफाई कराई गई है। रविवार को शहीदों की याद में पूजा प्रार्थना होगी।
विज्ञापन
मुकदमे के वादी राजाराम की कमी खलेगी
बेहमई नरसंहार कांड के गवाह व मुकदमे के वादी राजाराम सिंह की 13 दिसंबर 2020 को बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। चालीस वर्षों में पहली बार ऐसा होगा कि स्मारक स्थल पर पूजा में दिवंगत होने से राजाराम सिंह शामिल नहीं हो सकेंगे। उनके पुत्र रामकेश सिंह उर्फ खिल्लन ने बताया कि नरसंहार कांड के बाद पिता ने गांव के बाहर स्मारक स्थल बनवाया था। जिससे मारे गए निर्दोषों के याद में प्रति वर्ष पूजा कार्यक्रम का आयोजन होता है। इस बार पूजा कार्यक्रम के बाद मुकदमा में वादी के नाम का प्रस्ताव किया जाएगा। पिता की कमी खलेगी।
विज्ञापन