चौबेपुर एसओ के खिलाफ किये गए पत्राचार की फाइल गायब हो गई है। फाइल न सीओ दफ्तर में है और न ही एसपी ग्रामीण और एसएसपी कार्यालय में। इसकी जानकारी होने के बाद कई और गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर पत्राचार की फाइल गायब कैसे हुई? किसने की? और क्यों की?
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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
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पत्र फर्जी है या सही इसके लिए एसएसपी ने जांच के आदेश दिये हैं। शहीद बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्र ने मार्च में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी के खिलाफ तत्कालीन एसएसपी अनंत देव (वर्तमान डीआईजी एसटीएफ) को पत्र लिखा था।
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पूर्व सांसद राजा राम पाल के साथ विकास दुबे
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जिसमें बताया गया था कि रंगदारी के केस से एसओ ने विवेचक से दहशतगर्द विकास दुबे का नाम बाहर करवा दिया है। ये पत्र दिवंगत सीओ के मोबाइल में था। उनकी बेटी ने सोमवार को ये पत्र मीडियाकर्मियों को दिया।
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विकास दुबे (काले कोट में)
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जहां से वायरल हो गया। जिसके बाद से तत्कालीन एसएसपी अनंत देव पर कई सवाल उठने लगे हैं। डीजी कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेकर एडीजी जोन कानपुर जेएन सिंह को मामले की जांच दी है।
सीओ, एसपी ग्रामीण और एसएसपी कार्यालय में पत्र नहीं मिला है। पत्र सही है या गलत इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी, एसएसपी