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बिकरू कांड: खुशी के मामले में अब 15 दिसंबर को होगी सुनवाई, गंभीर धाराओं में बनाया आरोपी
Thu, 03 Dec 2020 09:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 03 Dec 2020 09:32 PM IST
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अमर दुबे और खुशी की फाइल फोटो
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बिकरू कांड की नाबालिग आरोपी कुख्यात अमर दुबे की कथित पत्नी खुशी के मामले में सुनवाई की अगली तिथि 15 दिसंबर तय की गई है। इसके पहले 24 नवंबर को खुशी का जमानती प्रार्थना पत्र निरस्त हो गया था।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान खुशी किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई। बिकरू कांड में कुख्यात विकास दुबे के करीबी अमर दुबे की कथित पत्नी खुशी को भी आरोपी बनाया गया है। खुशी की घटना से दो दिन पहले ही शादी हुई थी।
खुशी पर वह सभी धाराएं लगाई गई हैं जो विकास और उसके कुख्यात साथियों पर लगाई गई थीं। किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी को नाबालिग घोषित किया था। उसका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया गया था।
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मनोवैज्ञानिक परीक्षण में खुशी की मानसिक स्थित उच्च स्तर की पाए जाने पर किशोर न्याय बोर्ड ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एडीजे-13 विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रणजीत कुमार की कोर्ट में जमानती प्रार्थना दाखिल किया था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 24 नवंबर को प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। गुरुवार को किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी के मामले की सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तिथि तय की है। खुशी बाराबंकी बाल सुधार गृह में है। सुनवाई के दौरान किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई।
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गुरुवार को सुनवाई के दौरान खुशी किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई। बिकरू कांड में कुख्यात विकास दुबे के करीबी अमर दुबे की कथित पत्नी खुशी को भी आरोपी बनाया गया है। खुशी की घटना से दो दिन पहले ही शादी हुई थी।
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खुशी पर वह सभी धाराएं लगाई गई हैं जो विकास और उसके कुख्यात साथियों पर लगाई गई थीं। किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी को नाबालिग घोषित किया था। उसका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया गया था।
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मनोवैज्ञानिक परीक्षण में खुशी की मानसिक स्थित उच्च स्तर की पाए जाने पर किशोर न्याय बोर्ड ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एडीजे-13 विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रणजीत कुमार की कोर्ट में जमानती प्रार्थना दाखिल किया था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 24 नवंबर को प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। गुरुवार को किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी के मामले की सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तिथि तय की है। खुशी बाराबंकी बाल सुधार गृह में है। सुनवाई के दौरान किशोर न्याय बोर्ड में उपस्थित नहीं हुई।