{"_id":"5fba9a908ebc3e5fa3001f40","slug":"video-of-running-an-ambulance-at-high-speed-goes-viral","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकारी एंबुलेंस से नर्सिंग होम में मरीज उतारने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप, पहचान छिपाने को किया ये खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी एंबुलेंस से नर्सिंग होम में मरीज उतारने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप, पहचान छिपाने को किया ये खेल
Sun, 22 Nov 2020 10:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 22 Nov 2020 10:45 PM IST
विज्ञापन
सरकारी एंबुलेंस का नर्सिंग होम में मरीज उतारने का वीडियो वायरल हुआ
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद जिले में सरकारी एंबुलेंस के गुरुवार को नर्सिंग होम में मरीज उतारने का अब वीडियो वायरल हुआ है। 1.22 मिनट के इस वीडियो में 41 सेकेंड के बाद रनिंग मोड में लगाकर दौड़ा दिया गया है।
इसके पीछे की मंशा एंबुलेंस स्टाफ के चेहरे छिपाने की दिखाई दें रही है। बहरहाल वीडियो वायरल होने के बाद एंबुलेंस अफसरों और संगठन पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आकस्मिक घटनाओं और बीमार लोगों को सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए चल रही एंबुलेंस के कर्मचारी मोटी कमाई में लगे हैं।
गुरुवार को दिन में एक नर्सिंग होम में मरीज को उतारने का अब एक वीडियो वायरल हुआ है। 1.22 मिनट के इस वीडियो में 41 सेकेंड तक एंबुलेंस पहुंचती दिख रही है। जब मरीज उतारने के लिए पीछे की खिड़की खोलने का समय आता है, तो वीडियो रनिंग मोड में लगाकर दौड़ा दिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद वीडियो में स्ट्रेचर ले जाने की एक झलक दिख रही है। अब ये सवाल उठता है कि वीडियो वायरल करने वाले ने पूरा वीडियो सामान्य मोड में वायरल क्यों नहीं किया। माना जा रहा है कि इस वीडियो में कोई ऐसा चेहरा जरूर है, जिसके दिखाई देने से वीडियो बनाने वाले पर भी आंच आ सकती है। बहरहाल यह वीडियो एंबुलेंस संगठन में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद एंबुलेंस के स्थानीय अफसरों में हड़कंप है।
विज्ञापन
इसके पीछे की मंशा एंबुलेंस स्टाफ के चेहरे छिपाने की दिखाई दें रही है। बहरहाल वीडियो वायरल होने के बाद एंबुलेंस अफसरों और संगठन पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आकस्मिक घटनाओं और बीमार लोगों को सरकारी अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए चल रही एंबुलेंस के कर्मचारी मोटी कमाई में लगे हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को दिन में एक नर्सिंग होम में मरीज को उतारने का अब एक वीडियो वायरल हुआ है। 1.22 मिनट के इस वीडियो में 41 सेकेंड तक एंबुलेंस पहुंचती दिख रही है। जब मरीज उतारने के लिए पीछे की खिड़की खोलने का समय आता है, तो वीडियो रनिंग मोड में लगाकर दौड़ा दिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद वीडियो में स्ट्रेचर ले जाने की एक झलक दिख रही है। अब ये सवाल उठता है कि वीडियो वायरल करने वाले ने पूरा वीडियो सामान्य मोड में वायरल क्यों नहीं किया। माना जा रहा है कि इस वीडियो में कोई ऐसा चेहरा जरूर है, जिसके दिखाई देने से वीडियो बनाने वाले पर भी आंच आ सकती है। बहरहाल यह वीडियो एंबुलेंस संगठन में चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद एंबुलेंस के स्थानीय अफसरों में हड़कंप है।
एंबुलेंस के पीछे चल रही थी एक कार
वीडियो में जिस समय एंबुलेंस नर्सिंग होम पर पहुंचती है, उसी वक्त पीछे से एक कार भी आ रही होती है। यह कार एंबुलेंस के साइड से निकल कर आगे खड़ी होती है। इसके बाद कुछ लोग उतरने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अफसर के होने का लगा रहे कयास
वीडियो में रनिंग मोड के बीच में पांच सेकेंड तक रोका गया है। इस दौरान एक व्यक्ति एंबुलेंस के पास खड़ा दिख रहा है। संगठन के कर्मचारी इसे कंपनी का ही एक स्थानीय अधिकारी होने की बात कह रहे हैं। बहरहाल सच का पता जांच के बाद ही मालूम हो सकेगा।
भाजपा नेता के कहने पर मरीज ले गई थी एंबुलेंस
बताया जाता है कि गुरुवार को एक भाजपा नेता ने एंबुलेंस के अफसर को फोन किया था। इसके बाद एंबुलेंस से मरीज को ले जाया गया था। चूंकि सत्ताधारी बड़े नेता का मामला था, तो संबंधित अफसर भी एंबुलेंस के पीछे साथ गए थे।
वीडियो में जिस समय एंबुलेंस नर्सिंग होम पर पहुंचती है, उसी वक्त पीछे से एक कार भी आ रही होती है। यह कार एंबुलेंस के साइड से निकल कर आगे खड़ी होती है। इसके बाद कुछ लोग उतरने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अफसर के होने का लगा रहे कयास
वीडियो में रनिंग मोड के बीच में पांच सेकेंड तक रोका गया है। इस दौरान एक व्यक्ति एंबुलेंस के पास खड़ा दिख रहा है। संगठन के कर्मचारी इसे कंपनी का ही एक स्थानीय अधिकारी होने की बात कह रहे हैं। बहरहाल सच का पता जांच के बाद ही मालूम हो सकेगा।
भाजपा नेता के कहने पर मरीज ले गई थी एंबुलेंस
बताया जाता है कि गुरुवार को एक भाजपा नेता ने एंबुलेंस के अफसर को फोन किया था। इसके बाद एंबुलेंस से मरीज को ले जाया गया था। चूंकि सत्ताधारी बड़े नेता का मामला था, तो संबंधित अफसर भी एंबुलेंस के पीछे साथ गए थे।
सीएमओ डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि एंबुलेंस का मामला उनके संज्ञान में आया था। वह एंबुलेंस जनपद हरदोई की थी। इस संबंध में हरदोई के सीएमओ को अवगत कराया गया है।