अव्यवस्था: डीजल नहीं मिला तो खड़ी हो गईं गाड़ियां, नहीं उठा कूड़ा और मलबा, आज बदतर हो सकतीं हैं स्थितियां
Kanpur News: नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि पांचों पेट्रोल पंपों को तीन महीने से भुगतान नहीं किया गया है। इस बीच इन पेट्रोल पंप संचालकों ने नगर आयुक्त सहित नगर निगम के कई अधिकारियों से भुगतान करने का आग्रह किया। फिर भी भुगतान न होते देख डीजल की आपूर्ति बंद करने की धमकी भी कई बार दी, लेकिन बकाया धनराशि बढ़ती गई।
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कानपुर में डीजल न मिलने से सोमवार को नगर निगम की गाड़ियों ने कूड़ा, मलबा नहीं उठाया। कूड़ा अड्डों के बाहर तक कूड़ा भर गया। सड़कों पर गंदगी फैलने लगी है। 15 अक्तूबर को भी पेट्रोल पंपों ने नगर निगम के वाहनों को डीजल न दिया तो स्थिति बदतर होने की आशंका है। कैटल कैचिंग, मार्ग प्रकाश विभाग की गाड़ियों के भी पहिए नहीं घूमे।
नगर निगम 401 डंपर, जेसीबी, बॉबकट, टाटा-एस, डीसीएम आदि के माध्यम से 267 वर्ग किलोमीटर दायरे वाले शहर के सभी 110 वार्डों से कूड़ा, मलबा उठाता है। स्ट्रीट लाइटें ठीक करने के साथ ही छुट्टा मवेशी भी पकड़ता है। इनमें से रबिश विभाग की गाड़ियां शहर से रोज औसतन साढे ग्यारह सौ मीट्रिक टन कूड़ा उठाकर कूड़ा निस्तारण प्लांट पहुंचाती हैं, जहां इसका निस्तारण किया जाता है।
इसी तरह अभियंत्रण विभाग की गाड़ियां जगह-जगह पड़ा मलबा, कैटल कैचिंग विभाग की गाड़ियां छुट्टा मवेशी पकड़ती हैं और मार्ग प्रकाश विभाग की गाड़ियां स्ट्रीट लाइटें ठीक करती हैं। नगर निगम से संबद्ध पांच पेट्रोल पंपों से इन वाहनों को डीजल की आपूर्ति की जाती है। डीजल के मद में हर महीने करीब 4 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
कई बार अधिकारियों से भुगतान करने का आग्रह किया
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पांचों पेट्रोल पंपों को तीन महीने से भुगतान नहीं किया गया है। इस बीच इन पेट्रोल पंप संचालकों ने नगर आयुक्त सहित नगर निगम के कई अधिकारियों से भुगतान करने का आग्रह किया। फिर भी भुगतान न होते देख डीजल की आपूर्ति बंद करने की धमकी भी कई बार दी, लेकिन बकाया धनराशि बढ़ती गई।
निगम की गाड़ियों को नहीं देंगे डीजल
इस मद में 12-13 करोड़ रुपये बकाया हो जाने पर सोमवार को इन सभी पेट्रोल पंप संचालकों ने नगर निगम के वाहनों को डीजल की आपूर्ति बंद कर दी। पंपों में पहुंचे वाहनों को डीजल न मिलने पर चालकों ने अधिकारियों को जानकारी दी। पेट्रोल पंप संचालकों से भी बात की गई, पर उनका कहना था कि जब तक उनका भुगतान नहीं होगा, तब तक वे नगर निगम की गाड़ियों को डीजल नहीं देंगे।
अड्डों से नहीं उठाया गया कूड़ा
इसके बाद वहां से बिना डीजल के गाड़ियां लौट गईं, जिन्हें फजलगंज स्थित रबिश डिपो, विभिन्न जोनों के डंपों आदि में खड़ा कराया गया। दूसरी तरफ विभिन्न वार्डों में घरों से कूड़ा उठाने के कार्य में लगीं जेटीएन सहित दोनों कंपनियों की गाड़ियों ने कूड़ा कलेक्ट किया और उसे आसपास स्थित कूड़ा अड्डों में डाला, पर वहां से कूड़ा नहीं उठाया गया।
गंदगी फैलने से राहगीरों को दिक्कतें
जीटी रोड में द्वारिकापुरी ढाल के पास स्थित कूड़ा घर के बाहर फुटपाथ से लेकर सड़क तक गंदगी फैल गई। इसी तरह बाबाकुटी, किदवईनगर एच-ब्लॉक, दलेलपुरवा, भैरोघाट, ग्रीनपार्क के पाछे, जाजमऊ, साकेतनगर, बर्रा, गोविंदनगर, फूलबाग, सुतरखाना सहित अन्य कूड़ाघरों से कूड़ा नहीं उठा। सड़कों में भी गंदगी फैलने से राहगीरों को दिक्कतें हुईं।