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आधार कार्ड बनाने में एक बैंक की आईडी का इस्तेमाल, फर्जी दस्तावेजों पर आधार कार्ड बनाने का मामला

Mon, 07 Dec 2020 04:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 07 Dec 2020 04:44 PM IST
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Use of ID of a bank in making Aadhaar card, case of making Aadhaar card on fake documents
आधार कार्ड - फोटो : amar ujala
कानपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनाने में गिरोह एक निजी बैंक की आईडी का इस्तेमाल करता था। पुलिस को इस संबंध में अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब पता करने में जुट गई है कि आखिर आरोपियों को बैंक की आईडी व पासवर्ड मिला कैसे।
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पुलिस ने चार दिन पहले आरोपी शैलेंद्र साहू को गिरफ्तार कर फर्जी कागजात तैयार कर आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया था। पुलिस का कहना था कि जनसेवा केंद्र का आईडी पासवर्ड इस्तेमाल कर आरोपी आधार बनाते थे। अब जांच में पता चला है कि ये लोग बैंक आईडी का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों को किसी करीबी या गिरोह के सदस्य ने बैंक से चुराकर आईडी दी है। 
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एप के जरिये बनाते निवास प्रमाण पत्र
एसपी पूर्वी के मुताबिक आरोपी ई-डॉक्यूमेंट नाम के एप के जरिये फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाते थे। दरअसल आरोपियों को एक निवास प्रमाण पत्र मिल गया था। उसको एप के जरिये स्कैन करते थे। एप में ऑनलाइन एडिटिंग की सुविधा से किसी का भी नाम-पता बदल देते थे। उस पर मुहर और हस्ताक्षर संबंधित अधिकारी के करते थे। इस तरह हूबहू प्रमाण पत्र बनकर आधार बना लेते थे।
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आधार
एक ही बार कोड पर बनाए सभी निवास प्रमाण पत्र
हर शख्स के निवास प्रमाण पत्र पर अलग बार कोड होता है। ये बार कोड ऑटो जनरेटेड होता है। मगर आरोपियों के पास ये सॉफ्टवेयर नहीं था। वो एक ही निवास प्रमाण पत्र को स्कैन कर एडिट करते थे। इस वजह से सभी निवास प्रमाण पत्र में एक ही बार कोड मिला है।

एक महीने में असम के 32 लोगों ने बनवाए आधार कार्ड
जाजमऊ स्थित कैलाश विहार में गिरोह के सेंटर से मिले लैपटॉप, मोबाइल व अन्य दस्तावेजों से बड़ा खुलासा हुआ है। गिरोह ने एक महीने में असम के 32 लोगों के आधार कार्ड बनाए हैं। ये सभी बांग्लादेशी घुसपैठिये और रोहिंग्या हैं। इसके अलावा सबसे अधिक उन्नाव के 41, लखनऊ और फर्रुखाबाद के दो-दो गाजीपुर और फतेहपुर के लोगों के भी आधार कार्ड बनाए हैं। 129 अधूरे आधार कार्ड मिले हैं। पुलिस ने सभी दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर जुटाया है।

 

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आधार कार्ड
शातिर अपराधी है बिचौलिया
गिरोह का जाल यूपी समेत असम, बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फैला है। अधिकतर लोग बिचौलिये के जरिये मुख्य आरोपी सुनील पाल से संपर्क करते थे। बिचौलिया शातिर अपराधी है। उसके गुर्गे ये उसके पास तक काम लाते थे। 

11 निवास प्रमाण पत्र भी बरामद
एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि जांच के दौरान 11 निवास पत्र भी बरामद हुए हैं। ये सभी असम के पते के हैं। यानी इन निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर 11 और आधार कार्ड बनाए जाने थे। एसपी का कहना है कि एक महीने के भीतर इतने आधार कार्ड आरोपियों ने थे, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक साल में कितने कार्ड बनाए होंगे। सैकड़ों आधार सिर्फ असम के हैं।

असम के जिन 32 लोगों के आधार कार्ड का ब्योरा मिला है, उसका सत्यापन कराया जा रहा है। आवेदक का नाम व मोबाइल नंबर भी है। उनको ट्रेस करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
राजकुमार अग्रवाल, एसपी पूर्वी

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