फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Uproar at the textile committee meeting over a dispute regarding the collection of contributions.

Kanpur News: चंदा लेने के विवाद में कपड़ा कमेटी की बैठक में हंगामा

Wed, 07 Oct 2026 02:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
Uproar at the textile committee meeting over a dispute regarding the collection of contributions.
कानपुर। कानपुर कपड़ा कमेटी की मासिक बैठक मंगलवार को जनरलगंज स्थित कमेटी कार्यालय में हुई। बैठक में चंदा लेने को लेकर विवाद फिर गरमा गया और जमकर हंगामा हुआ। नौ निदेशकों की ओर से कमेटी अध्यक्ष पर धन उगाही का आरोप लगाने और पूर्व कोषाध्यक्ष ज्योति प्रकाश नेवटिया के आरोप पत्र पर चर्चा का एजेंडा रखा गया था। बैठक शुरू होते ही कमेटी को बिना जानकारी दिए चंदा लेने का मुद्दा उठ गया।
विज्ञापन

निदेशकों ने कहा कि कमेटी कंपनी एक्ट के प्रावधानों और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती है। उनका आरोप था कि चेक लिए जाने के बाद भी प्रधान महासचिव और कोषाध्यक्ष को इसकी जानकारी नहीं दी गई। कमेटी के नाम पर प्राप्त सभी चेक पहले कमेटी कार्यालय में जमा होने चाहिए। किसी पदाधिकारी को चेक अपने पास नहीं रखना चाहिए। इस मुद्दे पर काफी देर तक बहस और हंगामा चलता रहा।
विज्ञापन


कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र गुलाटी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक में चुनाव अधिकारियों ने भी माना कि सभी लोगों ने स्वेच्छा से चेक दिए थे। चेक कमेटी के नाम पर ही लिए गए हैं और जल्द ही सभी चेक कार्यालय में जमा करा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आमसभा पहले पड़ जाने के कारण त्रुटिवश कमेटी को इसकी जानकारी नहीं दी जा सकी। बाजार हित में कार्य किया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।बैठक में काशी प्रसाद शर्मा, श्रीकृष्ण गुप्ता, अमित दोसर, रुमित सिंह सागरी, अशोक माहेश्वरी, नवीन नेवटिया और राकेश कपूर समेत अन्य पदाधिकारी व निदेशक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन




ये था मामला

कमेटी के कोषाध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन कुमार नेवटिया समेत निदेशक रुमित सिंह सागरी, अमित दोसर, श्यामजी गुप्ता, अभिषेक चावला, राम प्रकाश गुप्ता, राकेश कपूर और सुनील अग्रवाल ने कमेटी कार्यालय को पत्र भेजकर अध्यक्ष पर नियमों की अनदेखी और धन उगाही के आरोप लगाए थे। हालांकि एक दिन बाद ही चंदा देने वाले कुछ व्यापारी अध्यक्ष के समर्थन में उतर आए। उन्होंने पत्र भेजकर आरोपों को गलत बताया और कहा कि कुछ लोग अच्छे कार्यों को गलत रूप दे रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार अध्यक्ष के साथ बैठक में शव वाहन, ठंडे पानी की मशीन और बाहर से आने वाले व्यापारियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए सहमति बनी थी। इन कार्यों के लिए व्यापारियों ने स्वेच्छा से चंदा दिया था। इसकी जानकारी भी कमेटी को दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed