UP Weather Update: फरवरी का नया रिकॉर्ड! 32 डिग्री पहुंचा तापमान, नम हवाओं का आना बंद, जानें क्या रहेगा हाल
उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी के आसार लगाए जा रहे हैं। इस हफ्ते में ही कानपुर समेत कई शहरों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में नम हवाओं का आना बंद हो गया है और मरुस्थलीय गर्म हवाएं आने लगी हैं।
विस्तार
कानपुर में फरवरी माह में अधिकतम तापमान का रिकार्ड लगातार टूट रहा है। सोमवार को 50 साल बाद आज के दिन इस महीने में अब तक का सर्वाधिक पारा 32 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। यह आज के सामान्य निर्धारित तापमान से 8.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
इसका अर्थ है यह कि 20 फरवरी को आमतौर पारा 23.4 डिग्री होना चाहिए था। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दिन का तापमान अभी और बढ़ सकता है। इस महीने में सात फरवरी को ही दिन का पारा 30.8 डिग्री चला गया था। उसके बाद उसके बाद 13 फरवरी को यह बढ़कर 31.2 डिग्री हो गया था।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस बार गर्मी के सीजन से पहले ही मौसम में बड़ा परिवर्तन आना शुरू हो गया है। जो लोगों और फसलों के लिए हानिकारक हो सकता है।
इस बीच सोमवार को न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। रात का पारा 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। इससे पहले इस महीने में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक जा चुका है। इसके साथ ही ठंडी हवाओं की विदाई के साथ सूरज का सितम देखने को मिलेगा।
लगातार सिंचाई से ही बच सकती है गेहूं की फसल
डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस भीषण गर्मी में गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इसका एक ही समाधान है कि फसल में समय-समय पर हल्की सिंचाई करते रहें। वैसे बार-बार सिंचाई से किसान की लागत बढ़ेगी, जिससे गेहूं की कीमतें महंगी भी हो सकती हैं।
प्रदेश में नम हवाओं का आना बंद हो गया है। इसके साथ ही शुष्क हवाएं राजस्थान से आने लगी हैं। इसकी वजह से तापमान अब रोजाना बढ़ुने के आसार हैं। आमतौर पर मरुस्थल से आने वाली गर्म हवाएं मार्च महीने के आखिरी सप्ताह से आना शुरू होती थीं। -डॉ. एसएन पांडेय मौसम विशेषज्ञ
फरवरी में पिछले वर्षों में आज के दिन का पारा (डिग्री सेल्सियस में)
2011 में 25
2012 में 25.2
2013 में 22.8
2014 में 24.20
2015 में 31.5
2016 में 27.2
2017 में 31.6
2018 में 27.4
2019 में 25.2
2020 में 23.6
2021 में 28
2022 में 28
2023 में 32