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UP: वाहन टोल से गुजरा नहीं, चालान हो गया, ऐसे किया जाता है खेल 

Sun, 10 Jul 2022 10:50 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 10 Jul 2022 10:50 AM IST
सार

अगर किसी ट्रक मालिक को लगता है कि उसके ट्रक का चालान गलत हुआ है। वह फास्टैग का विवरण निकालकर उस गलती को पकड़ सकता है। चालान के मैसेज की तारीख देखें और फिर उस तिथि में टोल प्लाजा शुल्क के आए फास्टैग मैसेज के विवरण से मिलान करें।

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UP: Vehicle did not pass through toll, got challan
टोल प्लाजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आरटीओ ऑफिस ने टोल प्लाजा की रिपोर्ट पर तीन महीने में ऐसे करीब छह सौ ट्रकों के चालान कर दिए, जो उन टोल प्लाजा से गुजरे ही नहीं। ट्रक मालिकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं कि बिना टोल प्लाजा से गुजरे उनके ओवरलोड में चालान हुए। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने फास्टैग का स्टेटमेंट दिखाया।

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जांच में पता चला कि जिन ट्रकों के ओवरलोडिंग में चालान हुए हैं, वह किसी दूसरे नंबर की नंबर प्लेट लगाकर टोल प्लाजा से गुजारे गए थे। एक-एक ट्रक पर 40-40 हजार रुपये के चालान हुए हैं। ये चालान परिवहन विभाग के मुख्यालय से भेजे गए हैं, इसलिए इनका निस्तारण भी स्थानीय आरटीओ ऑफिस से नहीं हो पा रहा है।
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ऐसे किया जाता है खेल 
अब ट्रकों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगी हैं, जिसको निकाला नहीं जा सकता है। उसको उखाड़ने पर प्लेट टूट जाती है। दोबारा लगवाने के लिए नए सिरे से आवेदन करना होता है, तभी एजेंसी लगाती है। कॉमर्शियल वाहनों में एचएसआरपी की अनिवार्यता के बाद फिटनेस कराने पहुंचे करीब 217 ट्रक ऐसे मिले, जिनकी नंबर प्लेट टूटी मिली।

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एक अफसर के मुताबिक करीब पौने 200 ट्रकों का संचालन करने वाली ट्रांसपोर्ट कंपनी के एक ट्रक में मार्च में लगी एचएसआरपी जून में टूट गई। इतनी जल्दी टूटी नंबर प्लेट का कारण पूछने पर दुर्घटना बताई गई। हकीकत यह है कि नंबर प्लेट बदलने में ये टूट रही हैं। मतलब ये लोग ओवरलोड टैक्स से बचने के लिए दूसरे नंबरों की फर्जी प्लेट लगा लेते हैं। इसके बाद चालान दूसरों के पास पहुंचता है।

फास्टैग के मैसेज और स्टेटमेंट से पकड़ें गलती
अगर किसी ट्रक मालिक को लगता है कि उसके ट्रक का चालान गलत हुआ है। वह फास्टैग का विवरण निकालकर उस गलती को पकड़ सकता है। चालान के मैसेज की तारीख देखें और फिर उस तिथि में टोल प्लाजा शुल्क के आए फास्टैग मैसेज के विवरण से मिलान करें।

अगर उस तारीख में वाहन के संबंधित रूट पर गाड़ी के न जाने की पुष्टि हो जाए तो शिकायत आरटीओ ऑफिस में सबूत के साथ करें। इससे मुख्यालय में बनी अपर परिवहन आयुक्त की कमेटी से चालान को निरस्त कराया जा सके।

फास्टैग जीपीएस आधारित होता है। अगर किसी वाहन का चालान टोल पर बिना उधर से गुजरे हो गया है तो प्रमाण पेश करने पर परिवहन विभाग की कमेटी के पास मामला जाएगा। साबित होने पर उसका चालान निरस्त कराया जा सकता है।- राजेश सिंह, आरटीओ प्रवर्तन, कानपुर नगर

केस: एक 
नौबस्ता की प्रीति कुशवाहा ने एआरटीओ सुधीर वर्मा को बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र कुमार ट्रक चलाते हैं। जीवन भर ट्रक चलाया औैर अब पुराना ट्रक खरीद लिया है। उनके पिता कभी अलियापुर टोल से नहीं गए लेकिन उनका 40 हजार रुपये का चालान हो गया। उन्हें पता भी नहीं और जब तहसील से आरसी कटी तो पता चला। अब ऑफिस के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हेे रही है। उन्हें सलाह दी गई कि उनके पिता कोई ऐसा प्रमाण दें, जिससे पता चले कि चालान के दिन उनकी गाड़ी वहां नहीं थी, तो चालान निरस्त हो सकता है।

केस: दो 
अनिल कुमार का ट्रक एफसीआई में अनाज लाने ले जाने के लिए संबद्ध है। उन्होंने बताया कि उनका ट्रक शहर में कोपरगंज माल गोदाम से लेकर एफसीआई गोदाम के बीच ही आता जाता है। मानक के हिसाब से अनाज लोड होता है लेकिन उनका अलियापुर टोल से 30 हजार रुपये का चालान हो गया है। अब वह इसको वापस कराने की कवायद कर रहे हैं। 

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