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UP: सेना की सूचनाएं पाकिस्तान भेजने वाले जासूस को दस साल कैद, आईएसआई अफसर के लिए करता था काम

Sun, 03 Mar 2024 12:33 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 03 Mar 2024 12:33 AM IST
सार

एटीएस लखनऊ की टीम ने 13 साल पहले मुरे कंपनी पुल से सेना की सूचनाएं पाकिस्तान भेजने वाले जासूस फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को पकड़ा था।

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UP: Ten years imprisonment to the spy who sent army information to Pakistan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सेना की सूचनाएं पाकिस्तान में आईएसआई अफसर को भेजने वाले जासूस को अपर जिला जज अष्टम राम अवतार प्रसाद ने दस साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आईएसआई अफसर मेजर सिकंदर के लिए काम करने वाले झारखंड के रांची निवासी फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को एटीएस लखनऊ ने 18 सितंबर 2011 को मुरे कंपनी पुल के पास स्थित एटीएम से गिरफ्तार किया था।

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एटीएस लखनऊ को सूचना मिली थी कि कुछ आईएसआई जासूस भारत के अलग-अलग भागों में नाम बदलकर रह रहे हैं और सेना की महत्वपूर्ण सूचनाएं इंटरनेट, मोबाइल फोन व अन्य माध्यमों से पाकिस्तान भेज रहे हैं। इसके बाद कानपुर से उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फैसल ने बताया था कि वह बीए पढ़ा है और उच्च शिक्षा के लिए एक एजेंट के माध्यम से रूस गया और तीन-चार साल वहां रहा। उसने अपना पहला पासपोर्ट 1980 में आरपीओ पटना से बनवाया था।
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इसी पासपोर्ट पर वह अपनी मौसी जाकिया मुमताज के घर पाकिस्तान गया था। दिसंबर 1997 में उनकी बेटी साइमा फैसल के साथ कराची में निकाह किया। लगभग तीन माह पाकिस्तान में रहकर लौटा। इसके बाद अक्सर पाकिस्तान आता-जाता रहा। दूसरा पासपोर्ट रांची से बनवाया। इसी दौरान पाकिस्तान में उसकी मुलाकात आईएसआई अधिकारी अतीक से हुई थी।


 

उसके कहने पर वह जासूसी करने लगा। जिस समय वह पकड़ा गया था, तब वह आईएसआई अफसर मेजर सिकंदर के लिए काम कर रहा था। उसने रांची, इलाहाबाद, झांसी, बबीना और कानपुर कैंट की सूचनाएं भेजी थीं। एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि उसके खिलाफ आईपीसी के अलावा शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत भी चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने फैसल को दोषी मानकर सजा सुनाई।

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