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UP: डिजिटल हेल्थ स्टैक से देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा आईआईटी, मिला 34 करोड़ का फंड
Wed, 30 Jul 2025 11:03 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Jul 2025 11:03 PM IST
सार
आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने 34 करोड़ का फंड दिया है। पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
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आईआईटी कानपुर का आईसीआईसीआई फाउंडेशन के साथ हुआ समझौता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने लिए अब डिजिटल हेल्थ स्टैक (डीएचएस) विकसित गया है। इसके लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने 34 करोड़ रुपये का फंड दिया है। इससे आसपास के अस्पतालों में खाली बेड, आईसीयू की सूचना एक एप पर मिल जाएगी। आईआईटी ने इसका पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके लिए आईआईटी के वैज्ञानिकों ने रियल टाइम बेड अवेलेबिलिटी एंड रेफरल पोर्टल (आरटी-बार्प) विकसित किया था, जिसका ट्रायल महाकुंभ 2025 में हुआ।
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आईआईटी कानपुर ने अत्याधुनिक डिजिटल हेल्थ स्टैक विकसित करने के लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन के साथ समझौता किया है। इसके तहत आईआईटी में एक इनोवेशन लैब स्थापित की गई है। इसका उद्घाटन आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिन्हा, बैंक के कार्यकारी निदेशक राकेश झा और आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने किया।
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
आईसीआईसीआई-डीएचएस को एक मॉड्यूलर, स्केलेबल और ओपन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जो डिजिटल उपकरणों और प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करेगा। आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन प्रदीप कुमार सिन्हा ने कहा कि तकनीक आधारित नवाचार ही भारत में समावेशी स्वास्थ्य सेवा की कुंजी है। आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि आईसीआईसीआई डिजिटल हेल्थ स्टैक परियोजना में ऐसी तकनीक विकसित करना है जो पूरी तरह साक्ष्य-आधारित, व्यवहारिक, व्यक्ति-केंद्रित और डिजिटल रूप से सक्षम हो, जिससे हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सके। डिजिटल हेल्थ स्टैक के माध्यम से प्रदेश के गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवा का लाभ पहुंचाना आसान होगा।