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यूपी: फर्रूखाबाद में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार, दो गांवों से पलायन, 20 से ज्यादा गांवों तक पानी पहुंचा

Fri, 25 Jun 2021 03:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 25 Jun 2021 03:59 AM IST
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UP: Ganga's water level crosses the warning point in Farrukhabad
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने के बाद किनारे बसे गांवों के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। हरसिंपुर कायस्थ व तीसराम की मड़ैया में पानी भरने से लोग पलायन कर गए हैं। जिले में 20 से ज्यादा गांव पानी पहुंचने से प्रभावित हुए हैं। वहीं पांच गांवों के पास तेजी से कटान हो रहा है। उधर, अब राम गंगा में भी पानी बढ़ने लगा है। 
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पिछले एक सप्ताह से बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को छोड़े गए 2.14 लाख क्यूसेक पानी की वजह से गुरुवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से दस सेंटीमीटर ऊपर 136.70 मीटर पर पहुंच गया है। इससे जनपद के गंगा किनारे बसे 20 से अधिक गांवों तक पानी पहुंच गया है।
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लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। शमसाबाद के गांव ममैचीपुर चितार, अमृतपुर के गांव हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, ऊगरापुर, कमलगंज के गांव गांव कल्लू नगला के पास तेजी से कटान हो रहा है। इससे लोग चिंतित हैं। नरौरा बांध से 83 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शुक्रवार को जलस्तर में बढ़ोत्तरी न होने की उम्मीद है। वहीं रामगंगा का जलस्तर बढ़कर 134.10 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा में खोह, हरेली व रामनगर बांध से दो हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा व रामगंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
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स्कूल के दो अतिरिक्त कक्षा कक्ष गंगा में बहे
 जलस्तर बढ़ने से गांव हरसिंह कायस्थ के ग्रामीण बैलगाड़ी पर सामान भर कर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। वहीं कुछ लोग घरों में पानी न घुसे इसके लिए बांध लगा रहे हैं। घरों में पानी भरा होने से वहां भोजन बनाने आदि की भी समस्या आ रही है। वहीं तीसराम की मड़ैया के लोगों ने गांव बंगला की मड़ैया पर डेरा डाल दिया है। उन्होंने अपने जानवरों को छोड़ दिया है।

यहां के रास्ते पर पानी अधिक होने से लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। गांव में बने प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन पिछले वर्ष बाढ़ में बह गया था। स्कूल के बचे हुए दो अतिरिक्त कक्षा कक्ष भी गुरुवार को कटान होने से गंगा में बह गए। जोगराजपुर गांव के चारो तरफ पानी भर गया है। बमियारी, लाइकपुर, रतनपुर, कुसमापुर, जटपुरा, फला, माखन नगला, कैलियाई, नगला दुर्गू, कछुआ गाड़ा तक पानी पहुंच गया है।

प्रसादी की मड़ैया के रास्ते पर पानी भरा 
शमसाबाद विकास खंड के गांव कटरी तौफीक, अचानकपुर, कासिमपुर के खेतों में पानी भर गया है। इन दिनों खेतों में फसल न होने से नुकसान का डर नहीं है। वहीं गांव प्रसादी की मड़ैया के रास्ते पर पानी भर गया है। इससे लोगों आवागमन में दिक्कत हो रही है। गांव समैचीपुर चितार में लगातार कटान हो रहा है। वहां प्रशासन ने बुधवार को ही नौ मकान खाली करा दिए थे।
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