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UP: तहसील आओ... फोटो खिंचवाओ तब मिलेगी पूड़ी, बांदा में बाढ़ पीड़ितों का बुरा हाल; मदद के नाम पर खानापूरी

Tue, 05 Aug 2025 03:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 05 Aug 2025 03:19 PM IST
सार

Banda Flood: बुंदेलखंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों को भोजन के लाले पड़ रहे हैं। लेखपाल कह रहे हैं कि पूड़ी चाहिए तो 10 किमी दूर तहसील आएं। फोटो खिंचवाओ तब आपको पूड़ी मिलेगी। बांदा में बाढ़ पीड़ितों का सबसे बुरा हाल है। मदद के नाम पर खानापूरी की जा रही है।

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UP Flood Crisis Victims Told to Pose for Photos to Get Food in Banda Relief Work a Farce
बांदा के नांदादेव गांव में राहत सामग्र के इंतजार में खड़े बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

UP Flood News: बुंदेलखंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर अधिकारी कुछ भी दावा करें लेकिन बाढ़ पीडि़तों को भर पेट खाना नहीं मिल पा रहा है। दूध और फल के तो आज तक दर्शन ही नहीं हुए। बांदा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लेखपाल चुनिंदा लोगों को ही राशन बांटते हैं और फोटो खींच कर चले जाते हैं। 
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लेखपालों का दो टूक कहना है कि पूड़ी चाहिए तो लाइन लगाकर तहसील तक आइए। वहां आपका राहत सामग्री देते हुए फोटो खीचेंगे और उसे ऑनलाइन अपलोड करेंगे। हालात ये हैं कि लंच पैकेट के लिए लोग 10 से 15 किलोमीटर का सफर कर मुख्यालय जा रहे हैं। 
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इंसानों के साथ-साथ मवेशियों का भी भूख से बुरा हाल है। हमीरपुर में तो ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग का भूसा लूट लिया। बांदा की पैलानी तहसील के बाढ़ प्रभावित नारदादेव गांव की राम प्यारी का कहना है कि कुछ लोगों ने आटा-चावल दिया है, वही खा रहे हैं। 
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प्रशासन की ओर से तो अभी तक कुछ भी नहीं मिला। आमारा गांव के प्रधान अशोक का कहना है कि उनके यहां प्रशासन की ओर से अभी तक कोई राशन किट या लंच पैकेट नहीं बांटे गए हैं। 

पैलानी में सिंधन के सरजू का कहना है कि प्रशासन मदद नहीं कर रहा है। खाना तो दूर आटा भी नहीं मिल रहा है। उधर राजस्व अधिकारियों का कहना है कि राशन किट वितरण में फोटो का झमेला आड़े आ रहा है। शासन का आदेश है कि जिसे किट दें, उसकी मौके की फोटो अपलोड की जाए। ऐसे में समय बर्बाद हो रहा है।

हमीरपुर में चारा लूट ले गए
हमीरपुर में तंबू में रह रहे लोग भोजन आते ही टूट पड़ते हैं। यहां दो राहत शिविर कुछेछा स्थित डिग्री कॉलेज व महर्षि विद्या मंदिर में संचालित हैं। इसके अलावा लोगों ने कानपुर-सागर नेशनल हाईवे व राठ मार्ग किनारे डेरा जमा रखा है।

पशुपालन विभाग ने भूसा वितरण के लिए कुछेछा डिग्री कॉलेज व चौरादेवी मंदिर परिसर में केंद्र बनाया है। यहां प्रति पशु पांच किलो भूसा पशुपालक को दिया जा रहा है। रविवार रात चौरादेवी मंदिर परिसर में पशुओं के वितरण को पहुंचा भूसा पशुपालक लूट ले गए। 

 

वायरल वीडियो में पशुपालक जबरन भूसा भरते दिख रहे हैं वहीं, अधिकारी मना करते सुनाई दे रहे हैं। प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक कुल 100 क्विंटल भूसा बांटा जा चुका है।

 

बाढ़ राहत राशन किट में सामान
बाढ़ राहत राशन किट में 10-10 किलो आटा, चावल, अरहर की दाल दो किलो, आलू 10 किलो, हल्दी 200 ग्राम, मिर्च 100 ग्राम, सब्जी मसाला 200 ग्राम, सरसों का तेल एक लीटर, नमक एक किलो, सैनिटरी पैड 20, साबुन कपडे का दो, तौलिया एक, मग एक।

 

राहत शिविर में यह है खाने का मेन्यू
नाश्ता- दलिया, उबला चना, पोहा, मौसमी फल, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक के लोगों को एक गिलास दूध।
दोपहर का खाना-सब्जी, दाल, चावल, रोटी।
रात का खाना- सब्जी, रोटी या पूड़ी।

 

अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि चाहे कैंप में हों या खुले में, जरूरतमंद को राशन व लंच पैकेट दिए जाएं। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें। तत्काल निस्तारण किया जाएगा।- जे.रीभा, जिलाधिकारी, बांदा।
 
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