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यूपी: चित्रकूट में मजदूर लड़कियों के शारीरिक शोषण मामले में डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
Wed, 08 Jul 2020 03:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 08 Jul 2020 03:22 PM IST
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चित्रकूट में जांच करने पहुंची टीम
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मजदूरी के लिए लड़कियों के साथ शारीरिक शोषण की रिपोर्ट एक टीवी चैनल पर दिखाए जाने के मामले में चित्रकूट डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एक निजी टीवी चैनल की रिपोर्ट में दिखाया गया था कि ठेकेदार और बिचौलिये लड़कियों को काम की मजदूरी नहीं देते। मजदूरी के लिए इन लड़कियों के साथ शारीरिक शोषण किया जाता है।
मामला चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र पर स्थित पहाड़ के आसपास की बस्ती का है। इस मामले में बुधवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडे ने बताया कि एसडीएम सदर की अध्यक्षता में छह अधिकारियों की जांच टीम गठित की गई है जो मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम शेषमणि पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में मंडलायुक्त एवं डीआईजी भी मौके पर आए थे। वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित गांव के आसपास के परिजनों से पहचान कर बातचीत की। जिसमें जिला प्रशासन का दावा है कि इन चिन्हित परिजनों ने बताया है कि वीडियो तो हमारा है लेकिन इसमें जो बात कही गई है वह सही नहीं है।
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बताया कि जो लोग उनके पास इस संबंध में पहले खबर के लिए आए थे उनकी बोली भाषा यह लोग समझ नहीं पाए इन परिजनों का कहना है कि उनके परिवार के साथ शारीरिक उत्पीड़न नहीं हुआ है। इस मामले में मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं।
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मामला चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र पर स्थित पहाड़ के आसपास की बस्ती का है। इस मामले में बुधवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडे ने बताया कि एसडीएम सदर की अध्यक्षता में छह अधिकारियों की जांच टीम गठित की गई है जो मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।
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कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम शेषमणि पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में मंडलायुक्त एवं डीआईजी भी मौके पर आए थे। वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित गांव के आसपास के परिजनों से पहचान कर बातचीत की। जिसमें जिला प्रशासन का दावा है कि इन चिन्हित परिजनों ने बताया है कि वीडियो तो हमारा है लेकिन इसमें जो बात कही गई है वह सही नहीं है।
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बताया कि जो लोग उनके पास इस संबंध में पहले खबर के लिए आए थे उनकी बोली भाषा यह लोग समझ नहीं पाए इन परिजनों का कहना है कि उनके परिवार के साथ शारीरिक उत्पीड़न नहीं हुआ है। इस मामले में मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं।