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कानपुर में सोते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा: मकान की छत ढही, मां और दो बच्चों की मौत, दो घायल
Thu, 26 Aug 2021 09:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 26 Aug 2021 09:28 AM IST
सार
रुखसाना और दोनों बच्चे पूरी तरह मलबे में दबे हुए थे। राजू के सिर तक मलबा था। कोई भी शख्स भीतर घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। जब पुलिस को सूचना दी गई तब तक आधे घंटे से अधिक का समय बीत चुका था। सूचना के महज 6 मिनट के भीतर पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे। इसके दस मिनट बाद सभी को बाहर निकाल लिया गया।
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कानपुर: मकान गिरने से मां सहित दो बच्चों की मौत
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर के हीरामन का पुरवा रिजवी रोड इलाके में गुरुवार भोर एक मकान की पहली मंजिल की छत का हिस्सा भरभराकर ढह गया। हादसे में महिला और उसके दो बच्चों (बेटा व बेटी) की मौत हो गई। महिला का पति घायल हो गया। पुलिस और दमकल के जवानों ने रेस्क्यू कर सभी को बाहर निकाला।
रेस्क्यू के दौरान एक दमकल कर्मी भी जख्मी हो गया। उर्सला में दोनों घायलों का इलाज चल रहा है। इधर पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिजवी रोड स्थित हाता 92/18 में मजदूर राजू पत्नी शहाना परवीन (35), बेटी शिफा (07) और बेटे नोमान (4) के साथ भूतल पर रहते थे।
बुधवार रात सभी एक ही कमरे में सो रहे थे। गुरुवार भोर करीब पांच बजे छत परिवार के ऊपर गिर गई। शहाना और बच्चों की एक चीख सुनाई दी फिर खामोशी छा गई। मगर राजू चीखते रहे। हाता के रहने वाले अन्य लोग बाहर निकल आए लेकिन वे उनको निकाल नहीं सके।
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रेस्क्यू के दौरान एक दमकल कर्मी भी जख्मी हो गया। उर्सला में दोनों घायलों का इलाज चल रहा है। इधर पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिजवी रोड स्थित हाता 92/18 में मजदूर राजू पत्नी शहाना परवीन (35), बेटी शिफा (07) और बेटे नोमान (4) के साथ भूतल पर रहते थे।
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बुधवार रात सभी एक ही कमरे में सो रहे थे। गुरुवार भोर करीब पांच बजे छत परिवार के ऊपर गिर गई। शहाना और बच्चों की एक चीख सुनाई दी फिर खामोशी छा गई। मगर राजू चीखते रहे। हाता के रहने वाले अन्य लोग बाहर निकल आए लेकिन वे उनको निकाल नहीं सके।
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सूचना पर पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने मलबा हटाकर चारों को निकालकर उर्सला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने शहाना, शिफा और नोमान को मृत घोषित कर दिया। राजू घायल हैं और खतरे से बाहर हैं। रेस्क्यू के दौरान दमकल कर्मी दीपेंद्र सिंह यादव के ऊपर मलबा गिर गया। जिससे वह भी घायल हो गए। उनका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
45 मिनट तक मलबे में दबा रहा पूरा परिवार
रुखसाना और दोनों बच्चे पूरी तरह मलबे में दबे हुए थे। राजू के सिर तक मलबा था। कोई भी शख्स भीतर घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। जब पुलिस को सूचना दी गई तब तक आधे घंटे से अधिक का समय बीत चुका था। सूचना के महज 6 मिनट के भीतर पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे। इसके दस मिनट बाद सभी को बाहर निकाल लिया गया। पुलिस और दमकल के जवानों की सक्रियता काफी रही। पुलिस कमिश्नर ने रेस्क्यू टीम की सराहना की।
45 मिनट तक मलबे में दबा रहा पूरा परिवार
रुखसाना और दोनों बच्चे पूरी तरह मलबे में दबे हुए थे। राजू के सिर तक मलबा था। कोई भी शख्स भीतर घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। जब पुलिस को सूचना दी गई तब तक आधे घंटे से अधिक का समय बीत चुका था। सूचना के महज 6 मिनट के भीतर पुलिस और दमकल कर्मी पहुंचे। इसके दस मिनट बाद सभी को बाहर निकाल लिया गया। पुलिस और दमकल के जवानों की सक्रियता काफी रही। पुलिस कमिश्नर ने रेस्क्यू टीम की सराहना की।
बैरिकैडिंग लगा गली में आवाजाही रोकी गई
हादसे से आसपास के लोगों में दहशत है। पूरी बिल्डिंग खाली करवा ली गई है। गली में दोनों तरफ बैरिकैडिंग कर आवाजाही रोक दी गई है। पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। प्रशासन के अफसरों ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। अब कोई हादसे का शिकार न हो इसलिए सतर्कता बरती जा रही है।
हादसे से आसपास के लोगों में दहशत है। पूरी बिल्डिंग खाली करवा ली गई है। गली में दोनों तरफ बैरिकैडिंग कर आवाजाही रोक दी गई है। पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। प्रशासन के अफसरों ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। अब कोई हादसे का शिकार न हो इसलिए सतर्कता बरती जा रही है।