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UP: डिप्टी सीएम का संबंधी बता पांच लाख की ठगी, स्वास्थ्य विभाग में नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर ली रकम
Wed, 24 Jun 2026 09:08 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 24 Jun 2026 09:08 PM IST
सार
नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी।
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आर्थिक अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपी ने खुद को उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संबंधी और डॉक्टर बताकर पीड़ित को झांसे में लिया था। शिकायत पर एसपी ने फर्जी डॉक्टर मोहित मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
कर्वी कोतवाली क्षेत्र के धीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मुलाकात मोहित मिश्रा से हुई थी। मोहित ने खुद को बांदा मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर बताया और मथुरा में पोस्टिंग की बात कही। उसने धीरेंद्र की पत्नी की नर्स की सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया। इसके एवज में मोहित ने करीब पांच लाख रुपये का खर्च बताया। धीरेंद्र ने उसे एक लाख तीस हजार रुपये नकद दिए। बाद में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए।
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कर्वी कोतवाली क्षेत्र के धीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी मुलाकात मोहित मिश्रा से हुई थी। मोहित ने खुद को बांदा मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर बताया और मथुरा में पोस्टिंग की बात कही। उसने धीरेंद्र की पत्नी की नर्स की सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया। इसके एवज में मोहित ने करीब पांच लाख रुपये का खर्च बताया। धीरेंद्र ने उसे एक लाख तीस हजार रुपये नकद दिए। बाद में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए।
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दो महीने बाद भी नौकरी न मिलने पर धीरेंद्र ने पैसे वापस मांगे। इस पर मोहित मिश्रा ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। धीरेंद्र ने अपने स्तर से जांच की तो पाया कि मोहित कोई असली डॉक्टर नहीं है। वह मथुरा में एक फर्जी क्लीनिक चला रहा था।
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वह उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संबंधी होने का झूठा दावा करता था। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने मामले की गंभीरता लिया और फर्जी डॉक्टर मोहित मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस जांच में जुट गई है।