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UP: कानपुर से 47 फर्मों को बेची गई 36 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप, आरोपी विनोद की 9.50 करोड़ की पांच संपत्ति फ्रीज
Thu, 26 Feb 2026 08:22 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 26 Feb 2026 08:22 PM IST
सार
कोडीनयुक्त कफ सिरप व अन्य नशीली दवाएं दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में सप्लाई हुई। फर्म व मेडिकल स्टोर के सत्यापन के लिए 50 टीमें लगाई गईं।
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विनोद अग्रवाल की संपत्ति फ्रीज की गई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर से दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड की 47 फर्मों को लगभग 36 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाएं बेची गई हैं। यह जानकारी पुलिस और एसआईटी की टीम की जांच सामने आई है। वहां की फर्म और मेडिकल स्टोर का अब तक मिले ई-वे बिल व अन्य दस्तावेजों से सत्यापन कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 50 पुलिसकर्मी की टीम लगाई गई है। गुरुवार को तीन टीमें मध्य प्रदेश, दिल्ली और बिहार के लिए रवाना हो गई हैं।
कलक्टरगंज पुलिस ने अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल को कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस को उसके प्रतिष्ठान से कई दवाएं और कोडीनयुक्त सिरप भी बरामद हुआ था। कार्रवाई के बाद शहर के कुछ अन्य दवा कारोबारियाें के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई। उनकी तलाश अब तक जारी है। विनोद अग्रवाल के खिलाफ वाराणसी और अन्य जनपदों में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसकी जांच चल रही है।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अब तक हुई जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल और उसका बेटा शिवम अग्रवाल दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश की आठ कंपनियों से कोडीनयुक्त कफ सिरम मंगवाया करते थे। शहर से लगभग 36 हजार कोडीनयुक्त कफ सिरप 47 फर्म को बेचा गया है। यह फर्म फर्जी थी या सही इसकी जांच कराई जा रही है। दवाओं और कफ सिरप की बोतलों का मिलान कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 50 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई है।
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कलक्टरगंज पुलिस ने अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल को कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस को उसके प्रतिष्ठान से कई दवाएं और कोडीनयुक्त सिरप भी बरामद हुआ था। कार्रवाई के बाद शहर के कुछ अन्य दवा कारोबारियाें के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई। उनकी तलाश अब तक जारी है। विनोद अग्रवाल के खिलाफ वाराणसी और अन्य जनपदों में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसकी जांच चल रही है।
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डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अब तक हुई जांच में सामने आया है कि विनोद अग्रवाल और उसका बेटा शिवम अग्रवाल दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश की आठ कंपनियों से कोडीनयुक्त कफ सिरम मंगवाया करते थे। शहर से लगभग 36 हजार कोडीनयुक्त कफ सिरप 47 फर्म को बेचा गया है। यह फर्म फर्जी थी या सही इसकी जांच कराई जा रही है। दवाओं और कफ सिरप की बोतलों का मिलान कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 50 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई है।
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विनोद अग्रवाल की संपत्ति फ्रीज की गई
- फोटो : अमर उजाला
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश की फर्म ज्यादा
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शहर से बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पश्चिम बंगाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों को कोडीनयुक्त कफ सिरप दिए गए हैं। सबसे ज्यादा बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश की फर्म का नाम सामने आया है। श्रावस्ती, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, गोंडा समेत अन्य जिलों में भी भेजे गए हैं।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि शहर से बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पश्चिम बंगाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों को कोडीनयुक्त कफ सिरप दिए गए हैं। सबसे ज्यादा बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश की फर्म का नाम सामने आया है। श्रावस्ती, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, गोंडा समेत अन्य जिलों में भी भेजे गए हैं।
विनोद अग्रवाल की संपत्ति फ्रीज की गई
- फोटो : अमर उजाला
विनोद अग्रवाल की 9.50 करोड़ की पांच संपत्ति फ्रीज
पुलिस ने विनोद अग्रवाल की एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत शहर के अलग अलग हिस्सों की पांच संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। यह कार्रवाई एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कमलापति यादव और अन्य टीम ने किया। इसकी अनुमानित राशि लगभग 9.50 करोड़ रुपये है। यह संपत्तियां सिविल लाइंस के गोपाल विहार, बिरहाना रोड, दहेली सुजानपुर के रामपुरम, जाजमऊ के एमराल्ड गुलिस्तान फेस दो में हैं। इन्हीं संपत्तियों को कुछ दिन पहले वाराणसी कमिश्नरी के सारनाथ थाने की पुलिस ने फ्रीज किया था।
पुलिस ने विनोद अग्रवाल की एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत शहर के अलग अलग हिस्सों की पांच संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। यह कार्रवाई एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कमलापति यादव और अन्य टीम ने किया। इसकी अनुमानित राशि लगभग 9.50 करोड़ रुपये है। यह संपत्तियां सिविल लाइंस के गोपाल विहार, बिरहाना रोड, दहेली सुजानपुर के रामपुरम, जाजमऊ के एमराल्ड गुलिस्तान फेस दो में हैं। इन्हीं संपत्तियों को कुछ दिन पहले वाराणसी कमिश्नरी के सारनाथ थाने की पुलिस ने फ्रीज किया था।