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यूरोप की अच्छीखासी नौकरी छोड़कर डॉ. अपूर्व ने भारत में ऐसे किया स्टार्टअप को प्रमोट
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 24 Sep 2018 03:44 PM IST
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डॉ. अपूर्व रंजन
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स्टार्टअप के क्षेत्र में डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने यूपी के कानपुर शहर का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। उनकी कंपनी वेंचर कैटेलिस्ट देश की सबसे बड़ी और एशिया की टॉप-5 इंक्यूबेटर व इन्वेस्टमेंट कंपनी बन चुकी है। यूरोप की अच्छीखासी नौकरी छोड़कर आए डॉ. अपूर्व ने यहां भारत में स्टार्टअप को प्रमोट करना शुरू किया। 2002 में सबसे पहले जेएसएस एकेडमी में इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति ने 2005 में बेस्ट इंक्यूबेटर अवॉर्ड से भी नवाजा।
2009 तक अलग-अलग कई यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में उन्होंने इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए। इसके बाद वह इंडियन एंजल नेटवर्क से जुड़ गए। 2012 में पहली, 2016 में दूसरी कंपनी शुरू की , 2012 में एंजल वेंचर नेटवर्क छोड़कर डॉ. अपूर्व ने खुद की वेंचर नर्सरी शुरू की। इसके जरिए वह अलग-अलग जगहों पर इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करते और स्टार्टअप कंपनियों में निवेश भी करते थे। 2016 में इसे बड़ा रूप देते हुए उन्होंने अपने तीन दोस्तों गौरव जैन, अनिल जैन और अनुज गुलेचा के साथ मिलकर वेंचर कैटैलिस्ट नाम की कंपनी शुरू की। डॉ. अपूर्व बताते हैं कि इस कंपनी में सात सदस्यीय बोर्ड है जो तय करता है कि किस स्टार्टअप कंपनी में कितना निवेश किस तरह करना है।
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2009 तक अलग-अलग कई यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में उन्होंने इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए। इसके बाद वह इंडियन एंजल नेटवर्क से जुड़ गए। 2012 में पहली, 2016 में दूसरी कंपनी शुरू की , 2012 में एंजल वेंचर नेटवर्क छोड़कर डॉ. अपूर्व ने खुद की वेंचर नर्सरी शुरू की। इसके जरिए वह अलग-अलग जगहों पर इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करते और स्टार्टअप कंपनियों में निवेश भी करते थे। 2016 में इसे बड़ा रूप देते हुए उन्होंने अपने तीन दोस्तों गौरव जैन, अनिल जैन और अनुज गुलेचा के साथ मिलकर वेंचर कैटैलिस्ट नाम की कंपनी शुरू की। डॉ. अपूर्व बताते हैं कि इस कंपनी में सात सदस्यीय बोर्ड है जो तय करता है कि किस स्टार्टअप कंपनी में कितना निवेश किस तरह करना है।
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डॉ. अपूर्व ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से एमबीए किया
डॉ. अपूर्व रंजन
डॉक्टर अपूर्व की कुछ बड़ी उपलब्धियां
- डॉ. अपूर्व देश के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने 2014 में इंक्यूबेशन में पीएचडी की उपाधि हासिल की।
- डॉ. अपूर्व ने दुनिया को इंक्यूबेशन के क्षेत्र में 9वीं थ्योरी दी जिसका नाम ‘इंटीग्रेटेड इंक्यूबेशन थ्योरी’ है।
- डॉ. अपूर्व ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से एमबीए किया है।
- इसी साल लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में डॉ. अपूर्व ने वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी के जरिए यूपी सरकार से 500 करोड़ रुपये निवेश का समझौता किया है।
- यूपी सरकार से समझौते के बाद वेंचर कैटेलिस्ट यूपी की स्टार्टअप कंपनियों में 54 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है।
- वेंचर नर्सरी कंपनी के जरिए डॉ. अपूर्व ने मल्टीनेशनल कंपनी बन चुकी ओयो रूम्स को एक करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी थी। 2015 में जब ओयो रूम्स से वे अलग हुए तो वेंचर नर्सरी की हिस्सेदारी 250 करोड़ हो चुकी थी।
- वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी से देश और दुनिया के 6000 से ज्यादा निवेशक जुड़ चुके हैं।
- वेंचर कैटेलिस्ट का टर्नओवर दो साल में दो हजार करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
- 27 देशों से वेंचर कैटेलिस्ट ने निवेश हासिल किया है।
- दो साल में वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी के जरिए डॉ. अपूर्व ने एक हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी दिलाई।
- डॉ. अपूर्व देश के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने 2014 में इंक्यूबेशन में पीएचडी की उपाधि हासिल की।
- डॉ. अपूर्व ने दुनिया को इंक्यूबेशन के क्षेत्र में 9वीं थ्योरी दी जिसका नाम ‘इंटीग्रेटेड इंक्यूबेशन थ्योरी’ है।
- डॉ. अपूर्व ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से एमबीए किया है।
- इसी साल लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में डॉ. अपूर्व ने वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी के जरिए यूपी सरकार से 500 करोड़ रुपये निवेश का समझौता किया है।
- यूपी सरकार से समझौते के बाद वेंचर कैटेलिस्ट यूपी की स्टार्टअप कंपनियों में 54 करोड़ रुपये निवेश कर चुकी है।
- वेंचर नर्सरी कंपनी के जरिए डॉ. अपूर्व ने मल्टीनेशनल कंपनी बन चुकी ओयो रूम्स को एक करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी थी। 2015 में जब ओयो रूम्स से वे अलग हुए तो वेंचर नर्सरी की हिस्सेदारी 250 करोड़ हो चुकी थी।
- वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी से देश और दुनिया के 6000 से ज्यादा निवेशक जुड़ चुके हैं।
- वेंचर कैटेलिस्ट का टर्नओवर दो साल में दो हजार करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
- 27 देशों से वेंचर कैटेलिस्ट ने निवेश हासिल किया है।
- दो साल में वेंचर कैटेलिस्ट कंपनी के जरिए डॉ. अपूर्व ने एक हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी दिलाई।