उन्नाव दुष्कर्म मामला: नाबालिग से मुर्गी फार्म में कुकृत्य, दोषी को 10 साल की सजा, 70 हजार का अर्थदंड भी ठोका
Unnao Crime: माखी थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट फैसला सुनाया है। पास्को कोर्ट के न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस वर्ष का करावास और 70 हजार का अर्थदंड लगाया।
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उन्नाव जिले में किशोरी से दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने दोषी पाए जाने पर दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 70 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। माखी थाना क्षेत्र निवासी पिता ने सात जनवरी 2018 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री खेत जा रही थी।
इसी समय गांव का ही पिंटू उर्फ नजीम हाथ पकडर्क घसीटता हुआ एक मुर्गी फार्म में ले गया था। जहां पर उसके साथ छेड़खानी व दुष्कर्म किया था। बेटी के शोर मचाने पर भांजी और मेरी पत्नी टार्च लेकर पहुंची तो रोशनी देकर आरोपी भाग निकला था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और एससीएसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचना सीओ सफीपुर रहे कुंवर बहादुर ने शुरू की थी। आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र 20 मार्च 2018 को न्यायालय में प्रेषित किया था।
जिला कारागार में बंद है आरोपी
अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता चंद्रिका प्रसाद बाजपेई और प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पैरवी और दलीलों को सुनने के बाद पास्को कोर्ट के न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस वर्ष का करावास और 70 हजार का अर्थदंड लगाया। आरोपी पूर्व से ही जिला कारागार उन्नाव में बंद है।