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उन्नाव हत्याकांड: पति के सीने पर बैठ गई पत्नी, प्रेमी ने फरसे से काट दी गर्दन, दोनों गिरफ्तार
Sun, 02 Jun 2024 09:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 02 Jun 2024 09:23 PM IST
सार
Unnao News: युवक की हत्या के मामले में पत्नी की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो घटना का खुलासा हो गया। पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतारा था।
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पति की हत्या में गिरफ्तार उसकी पत्नी रेखा व प्रेमी संजय कुमार कोरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
युवक की हत्या की साजिश उसकी पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी। सोते समय पत्नी पति के सीने पर बैठ गई और हाथ पकड़ लिए। इसके बाद प्रेमी ने फरसे से गर्दन पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा है। मौरावां थानाक्षेत्र के दृगपालगंज निवासी पेंटर बेचेलाल कश्यप (33) की शुक्रवार रात घर की छत पर सोते समय गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी।
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घटना के समय पास में ही चारपाई पर सात साल की बेटी के साथ लेटी पत्नी रेखा ने सुबह पांच बजे सोकर उठने पर घटना की जानकारी होने की बात पुलिस को बताई थी। शक के आधार पर पुलिस ने उसे थाने ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की तो रेखा ने घटना कबूल कर ली। थानाध्यक्ष चंद्रकांत सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी रेखा का गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर सई नदी के दूसरी तरफ रायबरेली जिले के थाना बछरावां के गांव सुदौली निवासी संजय कुमार कोरी से तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। संजय गांव के ही एक डॉक्टर के क्लीनिक पर बैठता था और रेखा वहां इलाज के लिए जाती थी। इसी दौरान दोनों में पहचान हुई और प्रेम प्रसंग हो गया। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन रेखा का पति बेचेलाल दोनों के रिश्ते में बाधक था। उसे रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रची गई।
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रेखा का पति बेचेलाल और देवर मूलचंद्र ज्यादातर समय दूसरे जिलों में काम करने से घर से बाहर रहते थे। गुरुवार को बेचेलाल 14 दिन बाद बाराबंकी से घर आया था। रेखा ने प्रेमी संजय को इसकी जानकारी दी। उसने देवर के भी घर में न होने और ससुर के खेत पर होने की बात बताई। शुक्रवार की रात बेचेलाल ने शराब पीने के बाद खाना खाया और छत पर चटाई बिछाकर सो गया। योजना के मुताबिक देर रात करीब एक बजे संजय फरसा लेकर पहुंचा। रेखा ने सोते समय पति के ऊपर बैठकर उसके हाथ पकड़ लिए। इसके बाद प्रेमी संजय फरसे से वार कर बेचेलाल की हत्या कर दी। वारदात के बाद रात में ही संजय अपने घर चला गया। घटना से अनजान बनी रेखा लेटी रही और सुबह पांच बजे चीख पुकार का नाटक किया। हालांकि पति की हत्या हो गई और पत्नी सोती रही यह बात पुलिस के गले नहीं उतरी और पूछताछ में खुलासा हो गया। एसओ ने बताया कि हत्यारोपी पत्नी और उसके प्रेमी को जेल भेजा गया है।
दोनों अलग-अलग जाति के
हत्यारोपी प्रेमी संजय कुमार कोरी और मृतक की पत्नी रेखा कश्यप का तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के गांव की दूरी सिर्फ डेढ़ किलोमीटर है। संजय के गांव में एक डॉक्टर बैठता था। संजय वहीं कंपाउंडर था। रेखा बीमार होने पर उन्हीं डॉक्टर को दिखाने जाती थी। तभी दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की शुरुआत हुई। पहले आपस में बातचीत हुई। बाद में प्रेमी ने रेखा को मोबाइल लेकर दिया। दोनों में फोन से बात शुरू हुई और प्यार परवान पकड़ने लगा। फिर दोनों ने शादी का मन बनाया। इसके लिए बेचेलाल को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
हत्यारोपी प्रेमी संजय कुमार कोरी और मृतक की पत्नी रेखा कश्यप का तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के गांव की दूरी सिर्फ डेढ़ किलोमीटर है। संजय के गांव में एक डॉक्टर बैठता था। संजय वहीं कंपाउंडर था। रेखा बीमार होने पर उन्हीं डॉक्टर को दिखाने जाती थी। तभी दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की शुरुआत हुई। पहले आपस में बातचीत हुई। बाद में प्रेमी ने रेखा को मोबाइल लेकर दिया। दोनों में फोन से बात शुरू हुई और प्यार परवान पकड़ने लगा। फिर दोनों ने शादी का मन बनाया। इसके लिए बेचेलाल को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
बाबा करेंगे पौत्री का पालन पोषण
पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद सात साल की बच्ची नेहा बेहाल है। शनिवार रात से माता-पिता दोनों को न देख वह बार-बार अपने बाबा बिंदा प्रसाद से दोनों के पास ले जाने की जिद करती। बच्ची की यह हालत देख उनके आंसू छलक पड़ते। वह बार-बार उसे यही समझाते कि वह आ जाएंगे। बच्ची कभी बाबा तो कभी चाचा की गोद में जाती और माता-पिता के पास ले जाने की जिद कर रहती। बच्ची की यह हालत जिसने भी देखी उसके आंसू छलक आए।
पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद सात साल की बच्ची नेहा बेहाल है। शनिवार रात से माता-पिता दोनों को न देख वह बार-बार अपने बाबा बिंदा प्रसाद से दोनों के पास ले जाने की जिद करती। बच्ची की यह हालत देख उनके आंसू छलक पड़ते। वह बार-बार उसे यही समझाते कि वह आ जाएंगे। बच्ची कभी बाबा तो कभी चाचा की गोद में जाती और माता-पिता के पास ले जाने की जिद कर रहती। बच्ची की यह हालत जिसने भी देखी उसके आंसू छलक आए।