{"_id":"5f6e06128ebc3e437a39a2fb","slug":"unlocked-after-six-months-prayers-offered-in-mosques-namaji-reached-in-large-numbers","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनलॉक: छह माह बाद मस्जिदों में पढ़ी जुमे की नमाज, बड़ी संख्या में पहुंचे नमाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनलॉक: छह माह बाद मस्जिदों में पढ़ी जुमे की नमाज, बड़ी संख्या में पहुंचे नमाजी
Fri, 25 Sep 2020 08:30 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
Kanpur, Uttar Pradesh, India
Kanpur, Uttar Pradesh, India
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 25 Sep 2020 08:30 PM IST
विज्ञापन
नमाज से पहले हुई स्क्रीनिंग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना काल में लॉकडाउन और इसके बाद अनलॉक के बाद आम नमाजियों के लिए खुली मस्जिदों में शुक्रवार को पहले जुमे की नमाज पढ़ाई गई। यहां पर बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने से कई मस्जिदों में दो बार जमात के साथ नमाज पढ़ाई गई।
सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए कई मस्जिदों के बाहर नमाजियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी हुई। सिर्फ 100 लोगों की भीड़ की अनुमति होने से अधिकतर लोग मस्जिदों में प्रवेश के लिए नमाज के तय समय से काफी पहले पहुंच गए। 100 नमाजियों की संख्या पूरी होने पर कमेटियों ने मस्जिदों के गेट बंद करा दिए।
नमाज बाद कोरोना से निजात और लॉकडाउन से पैदा हुई तंगहाली को दूर करने की खास दुआ हुई। लॉकडाउन के दौरान भी मस्जिदों से अजान और नमाज होती रही लेकिन सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करते थे। इसमें मस्जिद के इमाम, मोअज्जिन और कमेटी के तीन सदस्य शामिल होते थे।
विज्ञापन
बाकी नमाजियों के लिए मस्जिदें बंद थीं। यही वजह रही कि रमजान में तरावीह, ईद और बकरीद में भी ईदगाहों में नमाजें नहीं हुईं। वहीं, लंबे समय के बाद जुमे की नमाज पढ़ने का मौका पाए नमाजियों की आंखें मस्जिदों में दाखिल होते ही भर आईं।
नई मस्जिद में शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने, एहसनुल मदारिस जदीद मस्जिद में मुफ्ती रफी अहमद निजामी, गुलाब घोसी मस्जिद में मौलाना अब्दुल रज्जाक, जामा मस्जिद शफियाबाद में मौलाना कासिम हबीबी और घंटाघर बड़ी मस्जिद में मुफ्ती उसमान ने दुआ कराई।
विज्ञापन
सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए कई मस्जिदों के बाहर नमाजियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी हुई। सिर्फ 100 लोगों की भीड़ की अनुमति होने से अधिकतर लोग मस्जिदों में प्रवेश के लिए नमाज के तय समय से काफी पहले पहुंच गए। 100 नमाजियों की संख्या पूरी होने पर कमेटियों ने मस्जिदों के गेट बंद करा दिए।
विज्ञापन
नमाज बाद कोरोना से निजात और लॉकडाउन से पैदा हुई तंगहाली को दूर करने की खास दुआ हुई। लॉकडाउन के दौरान भी मस्जिदों से अजान और नमाज होती रही लेकिन सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा करते थे। इसमें मस्जिद के इमाम, मोअज्जिन और कमेटी के तीन सदस्य शामिल होते थे।
विज्ञापन
बाकी नमाजियों के लिए मस्जिदें बंद थीं। यही वजह रही कि रमजान में तरावीह, ईद और बकरीद में भी ईदगाहों में नमाजें नहीं हुईं। वहीं, लंबे समय के बाद जुमे की नमाज पढ़ने का मौका पाए नमाजियों की आंखें मस्जिदों में दाखिल होते ही भर आईं।
नई मस्जिद में शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने, एहसनुल मदारिस जदीद मस्जिद में मुफ्ती रफी अहमद निजामी, गुलाब घोसी मस्जिद में मौलाना अब्दुल रज्जाक, जामा मस्जिद शफियाबाद में मौलाना कासिम हबीबी और घंटाघर बड़ी मस्जिद में मुफ्ती उसमान ने दुआ कराई।