फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   University campus will credit system studies

यूनिवर्सिटी कैंपस में होगी क्रेडिट सिस्टम की पढ़ाई

Sat, 16 Jan 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Sat, 16 Jan 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
University campus will credit system studies

छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस की स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) कक्षा में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने चार सदस्यीय (प्रो. सुभाष अग्रवाल, प्रो. पीके कुश, प्रो. नंदलाल, प्रो. मुकेश रंगा) कमेटी गठित करके एक महीने में रिपोर्ट मांगी है।

विज्ञापन


रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अगले सत्र (2016-17) से सीबीसीएस पैटर्न लागू किया जाएगा। इस पैटर्न की पढ़ाई से डिग्री कॉलेजों को दूर रखा जाएगा, क्योंकि यूनिवर्सिटी से संबद्ध 1200 से ज्यादा कॉलेज हैं। इनमें रेग्युलर और प्राइवेट के 14 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं।
विज्ञापन


स्टूडेेंटों के व्यक्तित्व विकास, शैक्षिक और शोध की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने सीबीसीएस पैटर्न बनाया है। इसे देश के सभी राज्य और केंद्रीय विश्वविद्यालयों को लागू करना है, लेकिन ग्रेडिंग, क्रेडिट देने की अनिवार्यता से दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिलहाल, कानपुर यूनिवर्सिटी ने नए पैटर्न की पढ़ाई का फैसला कर लिया है। कुलपति का कहना है कि अब साइंस का स्टूडेंट मुख्य सब्जेक्ट के साथ संस्कृत की पढ़ाई भी कर सकता है। फिजिक्स, केमिस्ट्री के साथ मैथमेटिक्स या फिर बायोलॉजी की पढ़ाई की अनिवार्यता नहीं रहेगी।

मैथमेटिक्स या बायोलॉजी की जगह दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की जा सकती है। यही व्यवस्था बीकॉम, एमकॉम, बीए और एमए के स्टूडेंटों पर लागू रहेगी। स्टूडेंटों को मार्क्स की जगह ग्रेड प्वाइंट दिए जाएंगे। इससे मार्क्स लाने का दबाव कम होगा और वे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।

क्या है सीबीसीएस
यूजीसी ने सीबीसीएस को पढ़ाई का नया पैटर्न बनाया है। छूट दी है कि इंजीनियरिंग के स्टूडेंट अपने मुख्य विषय के साथ साइंस, कॉमर्स या फिर आर्ट्स के किसी एक या दो सब्जेक्ट की पढ़ाई कर सकें। यह आजादी अभी तक नहीं थी।


इंजीनियरिंग के स्टूडेंट दूसरे सब्जेक्ट की पढ़ाई नहीं कर पाते थे। आगे ऐसा नहीं होगा। सीबीसीएस में पढ़ाई का घंटा तय है, जिसका क्रेडिट स्टूडेंटों को मिलेगा। मार्क्स की जगह क्युमलेटिव ग्रेड प्वाइंट एकेडमिक (सीजीपीए) दिया जाएगा। यह पैटर्न स्टूडेंटों के व्यक्तित्व विकास के लिए लागू किया गया है।  

यूनिवर्सिटी कैंपस में इन कोर्स की पढ़ाई
यूजी- बीबीए, बीसीए, हेल्थ साइंसेस, बी. फार्मेसी, बीएससी बायोटेक, बीएड, बीपीएड।
पीजी- एमजेएमसी, एमएससी, एमफिल, एमएड, एमपीएड।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed