रिश्तों से रिसता खून: शादी हो जाती तो संपत्ति न मिलती, इसलिए ताऊ ने कराई भतीजे की हत्या, प्राइवेट पार्ट काट...
घाटमपुर में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। ताऊ ने ही संपत्ति के लालच में भतीजे की हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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घाटमपुर में शादी से तीन दिन पहले सात जून को हुई युवक की हत्या का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक युवक के ताऊ ने ही संपत्ति के लालच में पेशेवर अपराधियों को 1.60 लाख की सुपारी देकर हत्या कराई थी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए प्राइवेट पार्ट कटवाया था। पुलिस ने आरोपी ताऊ समेत चार को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी दक्षिण रवींद्र कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि घाटमपुर के इटर्रा ग्राम पंचायत के मजरा मोहनपुर निवासी 28 साल के परमेंद्र की शादी के तीन दिन पहले हत्या कर दी गई थी। उसका प्राइवेट पार्ट कटा होने की वजह से शुरुआत में पुलिस की जांच आशनाई के बिंदु पर चलने लगी। हालांकि बाद में वैज्ञानिक साक्ष्यों से पता चला कि परमेंद्र की हत्या का मास्टरमाइंड उसका ताऊ प्रताप नारायण उर्फ देशराज ही है।
देशराज ने परमेंद्र की हत्या के लिए कानपुर देहात के गजनेर नारायणपुर निवासी सुनील उर्फ छंगा और उसके साथी दामोदर नगर निवासी बबलू उर्फ सुल्तान को 1.60 लाख की सुपारी दी थी। सुनील देशराज के घाटमपुर के चांदपुर निवासी दोस्त राजबहादुर सिंह का रिश्तेदार था। हत्या के लिए आरोपियों ने बांस खरीदार बनकर परमेंद्र को फोन कर बुलाया और सुनसान जगह ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने देशराज के अलावा सुनील उर्फ छंगा, बबलू उर्फ सुल्तान और राजबहादुर सिंह को गिरफ्तार किया है।
ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने सबसे पहले परमेंद्र के फोन की डिटले निकलवाई। इसमें पता चला कि घटना वाले दिन परमेंद्र के पास अज्ञात नंबर से फोन आया था। इसकी मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद यह भी सामने आया कि ताऊ देशराज की भी इस अज्ञात नंबर से बात हुई है। इसके बाद देशराज को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया।
पिता की पैरवी और परमेंद्र को पालने के एवज में हड़पना चाहता था संपत्ति
डीसीपी दक्षिण ने बताया कि परमेंद्र के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। कुछ साल परमेंद्र अपनी बुआ के यहां रहा और फिर ताऊ के यहां रहने लगा। ताऊ ने परमेंद्र के पिता को दहेज हत्या में जेल होने के बाद पैरवी की थी और परमेंद्र को पाला था। इसके बदले वह परमेंद्र की संपत्ति हड़पना चाहता था। इस वजह से वह नहीं चाहता था कि परमेंद्र की शादी हो। बुआ ने जब परमेंद्र की शादी तय कर दी तो फिर उसने हत्या की साजिश रच डाली।