{"_id":"6149f9a7eec53a00fd251a6f","slug":"two-patients-with-symptoms-of-scrub-typhus-found-in-hardoi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अलर्ट: जालौन के बाद अब यूपी के इस जिले में स्क्रब टाइफस ने दी दस्तक, दो मरीज मिले, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलर्ट: जालौन के बाद अब यूपी के इस जिले में स्क्रब टाइफस ने दी दस्तक, दो मरीज मिले, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
Tue, 21 Sep 2021 08:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 21 Sep 2021 08:57 PM IST
सार
ईएमओ डॉ. शेर सिंह बताते हैं कि स्क्रब टाइफस के लक्षण चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने के दस दिन के अंदर दिखने लगते हैं। बुखार, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर और मांस पेशियों में दर्द, चिड़चिड़ा होना, शरीर पर चकत्ते पड़ना आदि इसके लक्षण हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालौन के बाद हरदोई जनपद में डेंगू और मलेरिया के बीच स्क्रब टाइफस ने भी दस्तक दे दी है। दो लोगों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। सितंबर में अब तक 45 बुखार पीड़ितों की स्क्रब टाइफस की जांच कराई जा चुकी है। सोमवार को जालौन के तीन मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हुई थी।
पिछले कुछ समय से कोरोना संक्रमण तो नियंत्रण में है, लेकिन बुखार लगातार पैर फैला रहा है। जनपद में डेंगू, मलेरिया और वायरल से पीड़ित लोगों की नई संख्या हर रोज सामने आ रही है। कई बार बुखार आने पर डेंगू ओर मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी लोगों का बुखार कम नहीं हो रहा।
जालौन समेत कई अन्य जनपदों में स्क्रब टाइफस के रोगी पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में भी स्क्रब टाइफस की जांच कराना शुरू कर दी। जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. शेर सिंह ने बताया कि स्क्रब टाइफस के दो मरीज मिलने की बात संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि एलआईजा और पीसीआर पद्धति से इसकी जांच की जाती है। एंटी बैक्टीरियल दवाएं पीड़ित को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले कुछ समय से कोरोना संक्रमण तो नियंत्रण में है, लेकिन बुखार लगातार पैर फैला रहा है। जनपद में डेंगू, मलेरिया और वायरल से पीड़ित लोगों की नई संख्या हर रोज सामने आ रही है। कई बार बुखार आने पर डेंगू ओर मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी लोगों का बुखार कम नहीं हो रहा।
विज्ञापन
जालौन समेत कई अन्य जनपदों में स्क्रब टाइफस के रोगी पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में भी स्क्रब टाइफस की जांच कराना शुरू कर दी। जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. शेर सिंह ने बताया कि स्क्रब टाइफस के दो मरीज मिलने की बात संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि एलआईजा और पीसीआर पद्धति से इसकी जांच की जाती है। एंटी बैक्टीरियल दवाएं पीड़ित को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
विज्ञापन
ये हैं स्क्रब टाइफस के लक्षण
जिला चिकित्सालय के ईएमओ डॉ. शेर सिंह बताते हैं कि स्क्रब टाइफस के लक्षण चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने के दस दिन के अंदर दिखने लगते हैं। बुखार, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर और मांस पेशियों में दर्द, चिड़चिड़ा होना, शरीर पर चकत्ते पड़ना आदि इसके लक्षण हैं।
कैसे फैलता है स्क्रब टाइफस
डॉ. शेर सिंह के मुताबिक स्क्रब टाइफस को शर्ब टायफस भी कहते हैं। यह एक विशेष बैक्टीरिया के कारण फैलता है। यह बैक्टीरिया लोगों में तब फैलता है जब किसी को संक्रमत चिगर्स (लार्वा माइट्स) काट ले। यह बीमारी मच्छरों जैसे दिखने वाले लार्वा से फैलती है। किसी चूहे, कुत्ते आदि को यह लार्वा संक्रमित कर देता है। संक्रमित चूहे से भी यह बीमारी फैलती है।
जिला चिकित्सालय के ईएमओ डॉ. शेर सिंह बताते हैं कि स्क्रब टाइफस के लक्षण चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने के दस दिन के अंदर दिखने लगते हैं। बुखार, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर और मांस पेशियों में दर्द, चिड़चिड़ा होना, शरीर पर चकत्ते पड़ना आदि इसके लक्षण हैं।
कैसे फैलता है स्क्रब टाइफस
डॉ. शेर सिंह के मुताबिक स्क्रब टाइफस को शर्ब टायफस भी कहते हैं। यह एक विशेष बैक्टीरिया के कारण फैलता है। यह बैक्टीरिया लोगों में तब फैलता है जब किसी को संक्रमत चिगर्स (लार्वा माइट्स) काट ले। यह बीमारी मच्छरों जैसे दिखने वाले लार्वा से फैलती है। किसी चूहे, कुत्ते आदि को यह लार्वा संक्रमित कर देता है। संक्रमित चूहे से भी यह बीमारी फैलती है।