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Kanpur News: रवींद्रनाथ की ठगी के दो और शिकार पुलिस के सामने आए
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कानपुर। करीब 10 देशों के 1000 से अधिक लोगों के साथ 1500 करोड़ की ठगी के आरोपी रवींद्रनाथ के दो शिकार बुधवार को शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि महाठग ने उन्हें ब्लूचिप कंपनी के माध्यम अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब एक करोड़ का चूना लगाया है लेकिन कोतवाली पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है।वे ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं। ब्लूचिप कंपनी भी अब बंद हो चुकी है। हालांकि, दोनों की कमिश्नर से शाम तक मुलाकात नहीं हो सकी।
केरल में रहने वाले अबरार ने बताया कि वह कुछ साल पहले केवीएम दुबई में लॉजिस्टिक का काम करता था। इस दौरान उसके एक दोस्त ने रवींद्रनाथ सोनी से उनकी मुलाकात कराई थी। रवींद्र ने उन्हें ब्लूचिप कंपनी में निवेश का ऑफर दिया। अबरार ने अपनी जीवन भर की कमाई के आलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर 21 अगस्त 2023 व इसी साल दिसंबर तक कुल करीब 52 लाख रुपये दांव पर लगा दिए। बाद में पता लगा कि कंपनी ही बंद हो गई।
दूसरे पीड़ित तेलंगाना संदीप चेरूरकी ने बताया कि उन्होंने भी ब्लूचिप कंपनी में रवींद्र के कहने पर करीब 50 लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी तो बंद हो ही गई और रुपये भी चले गए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि यदि कोई शिकायत मिलेगी तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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- एक नजर में रवींद्रनाथ की ठगी का मकड़ जाल
परेड निवासी अब्दुल करीम ने साल 2025 में नई दिल्ली निवासी रवींद्रनाथ के खिलाफ शहर कोतवाली में करीब 45 लाख की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त ठगी रवींद्र ने करीम के बेटे के साथ 2021 में नौकरी का झांसा देकर की थी। कोतवाली पुलिस ने नवंबर 2025 में ही रवींद्र को देहरादून से गिरफ्तार किया था और एक दिसंबर को जेल भेजा था। इसके बाद से ही रवींद्र का काला-चिठ्ठा खुलता चला गया। बताया जाता है कि रवींद्र का गिरोह अमेरिका से ब्लूचिप करता था। उसके पकड़े जाने के बाद चला कि रवींद्र ने कई देशों के नामचीन लोगों के साथ 1500 करोड़ से अधिक की ठगी की है।
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केरल में रहने वाले अबरार ने बताया कि वह कुछ साल पहले केवीएम दुबई में लॉजिस्टिक का काम करता था। इस दौरान उसके एक दोस्त ने रवींद्रनाथ सोनी से उनकी मुलाकात कराई थी। रवींद्र ने उन्हें ब्लूचिप कंपनी में निवेश का ऑफर दिया। अबरार ने अपनी जीवन भर की कमाई के आलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर 21 अगस्त 2023 व इसी साल दिसंबर तक कुल करीब 52 लाख रुपये दांव पर लगा दिए। बाद में पता लगा कि कंपनी ही बंद हो गई।
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दूसरे पीड़ित तेलंगाना संदीप चेरूरकी ने बताया कि उन्होंने भी ब्लूचिप कंपनी में रवींद्र के कहने पर करीब 50 लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी तो बंद हो ही गई और रुपये भी चले गए। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि यदि कोई शिकायत मिलेगी तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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- एक नजर में रवींद्रनाथ की ठगी का मकड़ जाल
परेड निवासी अब्दुल करीम ने साल 2025 में नई दिल्ली निवासी रवींद्रनाथ के खिलाफ शहर कोतवाली में करीब 45 लाख की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त ठगी रवींद्र ने करीम के बेटे के साथ 2021 में नौकरी का झांसा देकर की थी। कोतवाली पुलिस ने नवंबर 2025 में ही रवींद्र को देहरादून से गिरफ्तार किया था और एक दिसंबर को जेल भेजा था। इसके बाद से ही रवींद्र का काला-चिठ्ठा खुलता चला गया। बताया जाता है कि रवींद्र का गिरोह अमेरिका से ब्लूचिप करता था। उसके पकड़े जाने के बाद चला कि रवींद्र ने कई देशों के नामचीन लोगों के साथ 1500 करोड़ से अधिक की ठगी की है।