यूपी के कानपुर शहर में लड़कों की तुलना में लड़कियों का अपेक्षित लिंगानुपात न होने के कारण जिला प्रशासन की तरफ से मुखबिर योजना चलाई जा रही है। इसके तहत एक मामला पकड़वाने पर दो लाख रुपये इनाम दिया जाता है।
सीएमओ के अनुसार ऐसे व्यक्ति या गर्भवती महिलाएं जो लिंग चयन, भ्रूण हत्या या अवैध गर्भपात के गैर कानूनी कार्य में शामिल है, ऐसे केंद्रों, जांच करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए डिक्वाय आपरेशन के तहत मुखबिर, झूठे ग्राहक, झूठे ग्राहक के सहायक की भूमिका निभाने वालों को पुरस्कृत किया जाता है।
पुरस्कार की पहली किश्त के रूप में 60000 रुपये मामला पकड़वाने पर, दूसरी किश्त के रूप में 60000 रुपये न्यायालय में मामला पहुंचने पर और तीसरी किश्त के रूप में 80000 रुपये न्यायालय से सजा का आदेश होने पर मिलते हैं।
इसके लिए डीएम, सीएमओ, पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभारी अधिकारी को सूचना दी जा सकती है। इस योजना के तहत मामले का खुलासा कराने वालों का नाम एवं पहचान गुप्त रखी जाती है।