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डॉक्टर से छेड़छाड़ का मामलाः दो इंटर्न हॉस्टल से बाहर, तीन महीने इंटर्नशिप सस्पेंड
Thu, 28 Mar 2019 09:29 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 28 Mar 2019 09:29 PM IST
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डेमो पिक
कानपुर में न्यूरो साइंसेज विभाग की सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ के मामले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सख्त फैसला लिया है। इसमें डॉक्टर की स्कूटी रोकने वाले मुख्य आरोपी दो इंटर्न छात्रों की इंटर्नशिप तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दी गई है।
इसके साथ ही उन्हें हमेशा के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। घटनास्थल पर खड़े रहने वाले एक इंटर्न की इंटर्नशिप एक महीने के लिए सस्पेंड की गई है। इसके साथ ही एक नॉन पीजी जेआर की जेआरशिप तीन महीने के लिए सस्पेंड की गई है। आरोपी छात्रों के कैंपस आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
मेडिकल कॉलेज सभागार के पास करीब एक महीने पहले रात को हैलट से वार्ड का राउंड लेकर लौट रही डॉक्टर की स्कूटी को इंटर्न छात्रों ने रोक लिया था। स्कूटी पकड़ने वाले दो इंटर्न छात्रों को डॉक्टर ने पहचान लिया था, बाकी चार लोगों को वह नहीं पहचान पाई। बाद में जांच कमेटी ने घटनास्थल पर मौजूद एक इंटर्न, एक नॉन पीजी जेआर और दो एमबीबीएस छात्रों को चिह्नित किया। प्रॉक्टर डॉ. जेडी यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने दो दिन पहले अपनी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी को सौंप दी।
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इसके साथ ही उन्हें हमेशा के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। घटनास्थल पर खड़े रहने वाले एक इंटर्न की इंटर्नशिप एक महीने के लिए सस्पेंड की गई है। इसके साथ ही एक नॉन पीजी जेआर की जेआरशिप तीन महीने के लिए सस्पेंड की गई है। आरोपी छात्रों के कैंपस आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
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मेडिकल कॉलेज सभागार के पास करीब एक महीने पहले रात को हैलट से वार्ड का राउंड लेकर लौट रही डॉक्टर की स्कूटी को इंटर्न छात्रों ने रोक लिया था। स्कूटी पकड़ने वाले दो इंटर्न छात्रों को डॉक्टर ने पहचान लिया था, बाकी चार लोगों को वह नहीं पहचान पाई। बाद में जांच कमेटी ने घटनास्थल पर मौजूद एक इंटर्न, एक नॉन पीजी जेआर और दो एमबीबीएस छात्रों को चिह्नित किया। प्रॉक्टर डॉ. जेडी यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने दो दिन पहले अपनी रिपोर्ट प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी को सौंप दी।
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एमबीबीएस छात्रों को दी गई चेतावनी
गुरुवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक में पैनल ने अपना निर्णय सुनाया। जिस इंटर्न की एक साल के लिए इंटर्नशिप सस्पेंड की गई है, वह बाहर रहता है। व्यापमं घोटाले में नाम आने के बाद उसे हॉस्टल से बाहर कर दिया गया था। नॉन पीजी जेआर के संबंध में बताया गया कि उसकी कार से इंटर्न छात्र बाहर कहीं पार्टी से आए थे।
घटनास्थल पर वह भी मौजूद रहा है। एमबीबीएस छात्रों को सिर्फ चेतावनी दी गई है। उनसे कहा गया है कि रात 10 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर न निकलें। बैठक में प्राचार्य डॉ. लालचंदानी, डॉ. सुशील चंद्रा, डॉ. जीसी उपाध्याय, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मो. अतहर, डॉ. प्रगनेश कुमार आदि रहे।
घटनास्थल पर वह भी मौजूद रहा है। एमबीबीएस छात्रों को सिर्फ चेतावनी दी गई है। उनसे कहा गया है कि रात 10 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर न निकलें। बैठक में प्राचार्य डॉ. लालचंदानी, डॉ. सुशील चंद्रा, डॉ. जीसी उपाध्याय, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मो. अतहर, डॉ. प्रगनेश कुमार आदि रहे।