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कानपुर: निमोनिया से दो की मौत, बच्चे भी चपेट में, मौसमी बदलाव से सेहत पर खतरा, गले का संक्रमण बढ़ा
Mon, 14 Mar 2022 10:32 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 14 Mar 2022 10:32 AM IST
सार
सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि फ्लू संक्रमण के बाद कुछ रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और गुर्दा रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
मौसमी बदलाव से वायरल संक्रमण तेज हो रहा है। जुकाम-खांसी के बाद रोगियों के गले में संक्रमण हो रहा है। गले का संक्रमण फेफड़ों में उतर रहा है। जो निमोनिया बन रहा है। कोमॉर्बिड और पोस्ट कोविड रोगियों को संक्रमण अधिक परेशान कर रहा है।
रविवार को दो रोगियों की मौत हो गई। इसके अलावा हैलट इमरजेंसी और बालरोग अस्पताल की इमरजेंसी में रोगियों का गंभीर हालत में इलाज हो रहा है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने और गुर्दे फेल के रोगी अस्पतालों की इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं।
कुछ रोगियों की डायलिसिस करनी पड़ रही है। हैलट के बालरोग अस्पताल के आईसीयू में निमोनिया रोगी बच्चे गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती हैं। इसके साथ ही संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंचने की वजह से रोगियों को मेनिनजाइटिस हो गया है।
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रविवार को दो रोगियों की मौत हो गई। इसके अलावा हैलट इमरजेंसी और बालरोग अस्पताल की इमरजेंसी में रोगियों का गंभीर हालत में इलाज हो रहा है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने और गुर्दे फेल के रोगी अस्पतालों की इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं।
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कुछ रोगियों की डायलिसिस करनी पड़ रही है। हैलट के बालरोग अस्पताल के आईसीयू में निमोनिया रोगी बच्चे गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती हैं। इसके साथ ही संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंचने की वजह से रोगियों को मेनिनजाइटिस हो गया है।
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फजलगंज के रहने वाले किशन (55) की निमोनिया से मौत हो गई। सांस में तकलीफ होने पर परिजन चेस्ट हॉस्पिटल ले गए थे। इसी तरह लालबंगला के माधव (45) की निमोनिया से मौत हुई। पहली लहर में वह कोरोना की चपेट में भी आए थे। फ्लू संक्रमण के बाद निमोनिया हो गया।
सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि फ्लू संक्रमण के बाद कुछ रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और गुर्दा रोगियों की संख्या बढ़ी है। अस्पतालों में एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) के रोगी आ रहे हैं।
सीनियर फिजिशियन डॉ. जेएस कुशवाहा का कहना है कि फ्लू संक्रमण के बाद कुछ रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और गुर्दा रोगियों की संख्या बढ़ी है। अस्पतालों में एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) के रोगी आ रहे हैं।