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गंगा में डूबे मामा-भांजे, छह बहनों में अकेला था हिमांशु, एक साथ उठी अर्थियां तो बिलख पड़े परिजन
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:20 AM IST
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गंगा स्नान करते समय डूबे मामा- भांजे (फाइल फोटो)
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कानपुरः बिठूर स्थित लक्ष्मण घाट पर गुरुवार को गंगा नहाते वक्त मामा-भांजे की डूबने से मौत हो गई। दोनों को बचाने में एक और शख्स गहरे पानी में चला गया। गोताखोरों ने उसे बचा लिया। परिजन शवों को लेकर उन्नाव चले गए।
उन्नाव के रहमली नगर, हसनगंज निवासी किसान ब्रह्म कुुमार पांडेय ने बताया कि बेटी अंजू दामाद अपूर्वा और अपने दो बेटों करन और अर्जुन के साथ घर आई हैं। सुबह ब्रह्म कुमार अपने इकलौते बेटे दुर्गेश उर्फ हिमांशु और बेटी के परिवार के साथ गंगा नहाने लक्ष्मण घाट आए थे। अर्जुन (16) और हिमांशु (15) नहाते वक्त गंगा में डूबने लगे। इस पर अपूर्वा ने गंगा में छलांग लगा दी। वह तैरना नहीं जानते थे। ब्रह्म कुमार और अंजू के शोर मचाने पर गोताखोर रामचंद्र, रामशंकर और भइय्या लाल ने गंगा में कूदकर कर अपूर्वा को सकुशल बाहर निकाल लिया। अपूर्वा दिल्ली के अवंतिका नगर के रहने वाले हैं और वहीं प्राइवेट नौकरी करते हैं। इसके बाद गोताखोरों ने अर्जुन और हिमांशु को निकाला। हैलट में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों की गुजारिश पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए दोनों के शव सौंप दिए। इसके बाद परिजन शव को लेकर उन्नाव चले गए।
हाईस्कूल के छात्र थे दोनों
हम उम्र होने के चलते अर्जुन और हिमांशु में बहुत बनती थी। दोनों हाईस्कूल में पढ़ते थे। गुरुवार को दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजन बिलख पड़े। उन लोगों की हालत देख रिश्तेदारों की भी आंखें छलक आई।
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छह बहनों में अकेला था हिमांशु
ब्रह्म कुमार की छह बेटियों में हिमांशु अकेला बेटा था। ब्रह्म कुमार और उनकी पत्नी प्रवेशिका ने बताया कि बड़ी मिन्नत के बाद हिमांशु का जन्म हुआ था। इसके बाद उन लोगों को जीवन का सहारा मिल गया था, असमय उसकी मौत ने तोड़ कर रख दिया है। अब समझ में नहीं आ रहा है कि वह लोग कैसे जिंदगी काटेंगे और कौन सहारा देगा। 18 जून को हिमांशु का जन्मदिन था। हिमांशु ने भांजे अर्जुन के साथ खूब मस्ती की थी। उसे याद करके परिवार के लोग रह-रह कर रोते रहे।
गर्मी की छुट्टियों पर आया था ननिहाल
अर्जुन गर्मियों की छुट्टी पर ननिहाल आया था। दो-तीन दिन बाद उसे मां अंजू, पिता अपूर्वा और बड़े भाई करन के साथ दिल्ली जाना था।
नमामि गंगे के तहत चल से कार्य से हुआ गड्ढा
घाट पर रहने वाले लोगों का कहना है कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा में काम चल रहा है। मशीन से बालू हटाए जाने पर गंगा में गहरे गड्ढे हो गए हैं। गड्ढे में जाने से मामा-भांजे की मौत हुई है। वह गड्ढा भी इसी प्रोजेक्ट के तहत खोदा गया है।
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उन्नाव के रहमली नगर, हसनगंज निवासी किसान ब्रह्म कुुमार पांडेय ने बताया कि बेटी अंजू दामाद अपूर्वा और अपने दो बेटों करन और अर्जुन के साथ घर आई हैं। सुबह ब्रह्म कुमार अपने इकलौते बेटे दुर्गेश उर्फ हिमांशु और बेटी के परिवार के साथ गंगा नहाने लक्ष्मण घाट आए थे। अर्जुन (16) और हिमांशु (15) नहाते वक्त गंगा में डूबने लगे। इस पर अपूर्वा ने गंगा में छलांग लगा दी। वह तैरना नहीं जानते थे। ब्रह्म कुमार और अंजू के शोर मचाने पर गोताखोर रामचंद्र, रामशंकर और भइय्या लाल ने गंगा में कूदकर कर अपूर्वा को सकुशल बाहर निकाल लिया। अपूर्वा दिल्ली के अवंतिका नगर के रहने वाले हैं और वहीं प्राइवेट नौकरी करते हैं। इसके बाद गोताखोरों ने अर्जुन और हिमांशु को निकाला। हैलट में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों की गुजारिश पर पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए दोनों के शव सौंप दिए। इसके बाद परिजन शव को लेकर उन्नाव चले गए।
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हाईस्कूल के छात्र थे दोनों
हम उम्र होने के चलते अर्जुन और हिमांशु में बहुत बनती थी। दोनों हाईस्कूल में पढ़ते थे। गुरुवार को दोनों की अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजन बिलख पड़े। उन लोगों की हालत देख रिश्तेदारों की भी आंखें छलक आई।
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छह बहनों में अकेला था हिमांशु
ब्रह्म कुमार की छह बेटियों में हिमांशु अकेला बेटा था। ब्रह्म कुमार और उनकी पत्नी प्रवेशिका ने बताया कि बड़ी मिन्नत के बाद हिमांशु का जन्म हुआ था। इसके बाद उन लोगों को जीवन का सहारा मिल गया था, असमय उसकी मौत ने तोड़ कर रख दिया है। अब समझ में नहीं आ रहा है कि वह लोग कैसे जिंदगी काटेंगे और कौन सहारा देगा। 18 जून को हिमांशु का जन्मदिन था। हिमांशु ने भांजे अर्जुन के साथ खूब मस्ती की थी। उसे याद करके परिवार के लोग रह-रह कर रोते रहे।
गर्मी की छुट्टियों पर आया था ननिहाल
अर्जुन गर्मियों की छुट्टी पर ननिहाल आया था। दो-तीन दिन बाद उसे मां अंजू, पिता अपूर्वा और बड़े भाई करन के साथ दिल्ली जाना था।
नमामि गंगे के तहत चल से कार्य से हुआ गड्ढा
घाट पर रहने वाले लोगों का कहना है कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा में काम चल रहा है। मशीन से बालू हटाए जाने पर गंगा में गहरे गड्ढे हो गए हैं। गड्ढे में जाने से मामा-भांजे की मौत हुई है। वह गड्ढा भी इसी प्रोजेक्ट के तहत खोदा गया है।