कछुए की मौत का मामला: तालाब में दो दिन पहले मृत मिला था कछुआ, विधायक सुरेंद्र मैथानी ने की मंत्री से शिकायत
पनकी स्थित ऐतिहासिक तालाब में दो दिन पहले एक बड़ा कछुआ मृत मिला था। इस मामल में विधायक सुरेंद्र मैथानी ने निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री और अपर मुख्य सचिव से शिकायत भी की है।
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कानपुर के पनकी स्थित ऐतिहासिक कछुआ तालाब में एक बड़े कछुए की मौत हो गई। शनिवार को वह तालाब के बाहर मृत मिला था, जिसे तालाब परिसर में स्थित नागेश्वर मंदिर के महंत डीडी पाठक ने गड्ढा खुदवाकर गड़वा दिया था।
सोमवार को मामला तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम ने कछुए का शव निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कछुए की मौत के पीछे नगर निगम की लापरवाही बताते हुए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री अरुण कुमार सक्सेना और अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह से शिकायत की है।
नागेश्वर मंदिर के महंत ने आरोप लगाया कि नगर निगम तालाब का सुंदरीकरण करवा रहा है, इस बीच तालाब का पानी कम हो गया। गर्मी के कारण 60 किलो वजनी कछुआ मर गया, जिसकी उम्र करीब 100 साल थी। वहीं, वन विभाग कछुए की उम्र 35 के करीब बता रहा है। मंगलवार को कछुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी।
दो सबमर्सिबल पर कनेक्शन नहीं
तालाब के लिए दो सबमर्सिबल लगे हैं, लेकिन उनमें बिजली कनेक्शन नहीं है। सोमवार को तालाब पहुंचे जोन-5 के प्रभारी स्वर्ण सिंह ने जनरेटर से दोनों सबमर्सिबल चलवाए और तालाब में पानी भरवाया। सुंदरीकरण के लिए हो रही खुदाई को तेज करने के निर्देश दिए।
विधायक ने नगर निगम को बताया जिम्मेदार
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री अरुण कुमार सक्सेना और अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने सुंदरीकरण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐतिहासिक तालाब के सुंदरीकरण के दौरान सौ साल से भी ज्यादा उम्र के कई कछुओं, सैकड़ों मछलियों की मौत हो चुकी है।
विधायक ने जांच कराकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। वहीं, नमामि गंगे की प्रदेश सह संयोजक किरन निषाद ने भी तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि तालाब में थोड़ा पानी बचा है, वह भी कीचड़ में तब्दील हो गया है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा को पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
कछुआ अपनी स्वाभाविक मौत मरा होगा। बरसात से पहले कछुआ तालाब की मिट्टी हटा ली जाएगी। वन्य जीव विशेषज्ञ से सलाह लेते हुए समय से कार्य पूरा कराया जाएगा। -स्वर्ण सिंह, जोनल प्रभारी, जोन-5, नगर निगम