रिश्वतखोर बाबू का सच: एंटीकरप्शन टीम ने पीटा...जबरन पकड़ाया घूस का लिफाफा, CCTV का डीवीआर भी तोड़ा, जानें मामला
Kannauj News: गुरुवार को बीएसए कार्यालय के बाबू विमल पांडेय को एंटीकरप्शन टीम ने घूस लेते रंगेहाथ पकड़ने का दावा किया था। मामले में सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद बाबू को झूठा फंसाने की पोल खुल गई है। इसमें बाबू को पीटकर जबरन लिफाफा पकड़ाकर टीम ले जाती दिख रही है।
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कन्नौज जिले में एक शिक्षक से बकाया भुगतान निकलवाने के एवज में रिश्वत देने की मांग करने वाले लिपिक को कानपुर से आई एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। मामले में रविवार को बीएसए ऑफिस में बाबू को घूस लेने पर गिरफ्तार करने का सच सामने आया है।
एंटीकरप्शन टीम ने बाबू को जबरन घूस का लिफाफा पकड़ाने के लिए जमकर पीटा। साथ ही, टीम सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर तोड़ ले जाते भी कैद हुई है। सीसीटीवी वीडियो में एंटीकरप्शन टीम की बाबू को जबरन फंसाने की बात सामने आ रही है, जिससे हड़कंप मच गया है।
बता दें कि गुरुवार को बीएसए कार्यालय के बाबू विमल पांडेय को एंटीकरप्शन टीम ने घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा था। एंटी करप्शन टीम के मुताबिक आरोपी बाबू ने 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। गुरुवार को उसे 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया है। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से बीएसए कार्यालय में हड़कंप मचा रहा।
विमल पांडेय ने 20 हजार रुपये की मांग की
एंटी करप्शन टीम की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर मृत्यंजय मिश्रा ने बताया कि एक शिक्षक अनुराग कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। शिक्षक की शिकायत थी कि उसके पांच माह का बकाया वेतन निकलवाने के एवज में बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक विमल पांडेय ने 20 हजार रुपये की मांग की है।
एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर धर दबोचा
उसी आधार पर गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने बाकायदा जाल बिछाकर उसे तब धर दबोचा जब उसने रिश्वत के 20 हजार रुपये में से पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लिए। उसी दौरान उसे पकड़ लिया गया। उसे पकड़ कर सदर कोतवाली ले जाया गया। उससे पूछताछ भी की गई।