फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Trial of ultra long insulin successful, Blood sugar will remain under control throughout the week

खुशखबरी!: अब डायबिटीज के मरीज हफ्तेभर कंट्रोल रख सकेंगे ब्लड शुगर, अल्ट्रा लॉन्ग इंसुलिन का ट्रायल सफल

Mon, 30 Oct 2023 08:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 30 Oct 2023 08:27 AM IST
सार

Kanpur News: डॉ. वर्मा का कहना है कि इंसुलिन के इंजेक्शन लेने में ज्यादातर रोगी अनिच्छा जताते हैं। डायबिटीज से पीड़ितों में 30 से 40 फीसदी रोगी इंसुलिन लेते हैं। ऐसे रोगियों के लिए बहुत राहत रहेगी। उन्हें सप्ताह में एक बार ही दवा लेनी पड़ेगी।

विज्ञापन
Trial of ultra long insulin successful, Blood sugar will remain under control throughout the week
डायबिटीज की समस्या - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

खाना खाने के पहले दिन में दो बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने से परेशान रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें सप्ताह में एक दिन ही इंसुलिन लेनी पड़ेगी और पूरे सप्ताह उनका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा। अल्ट्रा लॉन्ग इंसुलिन एक सप्ताह तक काम करेगी। इस दवा का सफल ट्रायल हो गया है। तीन-चार महीने में दवा बाजार में उपलब्ध हो जाएगी।

विज्ञापन

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि इस दवा का ट्रायल परिणाम बंगलूरू में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय नेशनल इंसुलिन एकेडिमा कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किया गया। देश भर के 40 विशेषज्ञों के पैनल ने इस पर मंथन किया। इस पैनल में डॉ. शिवेंद्र वर्मा भी रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दवा की सामान्य इंसुलिन की तरह ही खुराक लेनी पड़ेगी लेकिन इसका असर लंबे समय तक रहेगा।

विज्ञापन

एकदम से नीचे नहीं आएगा ब्लड शुगर लेवल
डॉ. वर्मा ने बताया कि नई दवा का ट्रायल देश के अंदर और विदेशों में भी हुआ है। इसमें दो बिंदुओं पर विशेषज्ञों के पैनल ने विशेष चर्चा की। पहला कि इस दवा के लेने से ब्लड शुगर घटने जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं, उसका रिस्क बहुत कम रहेगा। दवा लेने पर ब्लड शुगर लेवल एकदम से नीचे नहीं आएगा। इसके अलावा दूसरा बिंदु डायबिटीज पीड़ित के वजन बढ़ने का था। इसमें बताया गया कि जिन रोगियों को ट्रायल में शामिल किया गया, उनका वजन अधिक नहीं बढ़ा।

डायबिटीज रोगियों को मिलेगी राहत
डॉ. वर्मा ने बताया कि वर्ष 2002 में कुछ इंसुलिन आई थीं, जिनका असर 20 से 24 घंटे तक रहता था। इसके बाद जो आई दवा का असर 30 से 42 घंटे तक हो गया। लेकिन एक सप्ताह तक असर रखने वाली यह पहली इंसुलिन है। डॉ. वर्मा का कहना है कि इंसुलिन के इंजेक्शन लेने में ज्यादातर रोगी अनिच्छा जताते हैं। डायबिटीज से पीड़ितों में 30 से 40 फीसदी रोगी इंसुलिन लेते हैं। ऐसे रोगियों के लिए बहुत राहत रहेगी। उन्हें सप्ताह में एक बार ही दवा लेनी पड़ेगी।

विज्ञापन

शहर में डायबिटीज की स्थिति...

  • बढ़े शुगर लेवल की दिक्कत पांच लाख रोगियों को।
  • प्री डायबिटिक की संख्या करीब 11 लाख।
  • तीन साल में एक तिहाई लोग हो जाएंगे डायबिटिक।
  • कोरोना होने के बाद दो से पांच प्रतिशत को हुई डायबिटीज।

(आईसीएमआर सर्वे के आधार पर कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ब्रजमोहन का आकलन)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed