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प्रचार का वार होर्डिंग लगा कर रहे पेड़ों पर अत्याचार
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अकबरपुर में स्टैंड पोस्ट के पास लगे होर्डिंग व चस्पा पोस्टर। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अवैध होर्डिंग लगाकर लोग पेड़ों पर अत्याचार कर रहे हैं। प्राणवायु देने वाले पेड़ों की टहनियां काटकर होर्डिंग टांगने की होड़ लगी है। अकबरपुर समेत अन्य निकाय क्षेत्रों में भी कमोबेश यही नजारा है। पेड़ों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी से अवैध होर्डिंग लगाने पर रोक नहीं लग पा रही है।
अकबरपुर जिला मुख्यालय का कस्बा है। यहां भीड़भाड़ अधिक होने की वजह से प्रचार के लिए विज्ञापन एजेंसी व लोग मनमानी तरीके से होर्डिंग व बैनर लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि अब पेड़ों पर भी होर्डिंग लगाने की होड़ मची है। त्योहारी सीजन में व्यापारी व नेता भी अपना प्रचार इन होर्डिंग व बैनर से करने में लगे हैं। जिले भर में सड़क किनारे लगे पेड़ों पर होर्डिंग टंगी होना आम हो गया है। अकबरपुर में माती रोड पर तहसील के आसपास संरक्षित वन क्षेत्र है। यहां लगे पेड़ों को ही विज्ञापन एजेंसियों व लोगों ने होर्डिंग लगाने का स्थान बना दिया है।
अब पेड़ों पर व्यावसायिक, शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग, पार्टी के प्रचार व नेता आदि की होर्डिंग बहुतायत में हैं। यहां प्रचार की प्रतिस्पर्धा इतनी है कि छोटी होर्डिंग के आगे बड़ी होर्डिंग टांग दी जाती है। पेड़ों की पत्तियों में होर्डिंग छिपे न इसके लिए बेरहमी से टहनियां काट दी जाती है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से अराजकता की स्थिति बनी है।
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हरियाली बढ़ाने में पेड़ों का योगदान हैं। इनसे प्राणवायु मिलती है। लोगों को कम से कम पेड़ों पर होर्डिंग व बैनर आदि नहीं लगाना चाहिए। अकबरपुर में संरक्षित क्षेत्र में लगे पेड़ों का निरीक्षण कर बैनर व होर्डिंग आदि हटाए जाएंगे।
-सुदामा लाल, वन रेंजर, अकबरपुर रेंज
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अकबरपुर जिला मुख्यालय का कस्बा है। यहां भीड़भाड़ अधिक होने की वजह से प्रचार के लिए विज्ञापन एजेंसी व लोग मनमानी तरीके से होर्डिंग व बैनर लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि अब पेड़ों पर भी होर्डिंग लगाने की होड़ मची है। त्योहारी सीजन में व्यापारी व नेता भी अपना प्रचार इन होर्डिंग व बैनर से करने में लगे हैं। जिले भर में सड़क किनारे लगे पेड़ों पर होर्डिंग टंगी होना आम हो गया है। अकबरपुर में माती रोड पर तहसील के आसपास संरक्षित वन क्षेत्र है। यहां लगे पेड़ों को ही विज्ञापन एजेंसियों व लोगों ने होर्डिंग लगाने का स्थान बना दिया है।
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अब पेड़ों पर व्यावसायिक, शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग, पार्टी के प्रचार व नेता आदि की होर्डिंग बहुतायत में हैं। यहां प्रचार की प्रतिस्पर्धा इतनी है कि छोटी होर्डिंग के आगे बड़ी होर्डिंग टांग दी जाती है। पेड़ों की पत्तियों में होर्डिंग छिपे न इसके लिए बेरहमी से टहनियां काट दी जाती है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह से अराजकता की स्थिति बनी है।
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हरियाली बढ़ाने में पेड़ों का योगदान हैं। इनसे प्राणवायु मिलती है। लोगों को कम से कम पेड़ों पर होर्डिंग व बैनर आदि नहीं लगाना चाहिए। अकबरपुर में संरक्षित क्षेत्र में लगे पेड़ों का निरीक्षण कर बैनर व होर्डिंग आदि हटाए जाएंगे।
-सुदामा लाल, वन रेंजर, अकबरपुर रेंज