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जुगाड़ के सहारे चल रहीं परिवहन निगम की बसें, सीसा टूटा तो हेलमेट लगाकर ड्राइवर ने चलाई बस
Thu, 12 Dec 2019 11:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 12 Dec 2019 11:59 PM IST
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हेलमेट लगाकर बस चलाता ड्राइवर
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन निगम की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है। भीषण सर्दी के बावजूद बसों के शीशे नहीं लगाए जा रहे हैं। गुरुवार को बांदा जा रही एक बस का अगला शीशा टूटा होने के बाद भी वर्कशाप से फोरमैन ने रवाना कर दिया। जिस पर चालक ने अपनी सुरक्षा को देखते हुए हेलमेट लगाकर बांदा की ओर निकला।
वहीं दोपहर में बांदा से यात्री लेकर आ रही बांदा डिपो की बस बीच में खराब हो गई। जिसे दूसरी बस की मदद से टोचिंग कर वर्कशाप में खड़ा कराया गया है। जिले में आवागमन के लिए एक मात्र सहारा रोडवेज बसें ही हैं। परिवहन निगम की अधिकांश बसें क्षमता से अधिक किमी पार कर चुकी हैं।
मरम्मत के अभाव में बसों की सीटें फटी हैं तो कहीं शीशे नहीं हैं। ठंड के मौसम में कोहरे को देखते हुए उनमें हाई मास्क लाइटें भी नहीं लगाई गईं हैं। गुरुवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला। मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो की बस बांदा के लिए रवाना हुई, लेकिन इसका आगे का शीशा टूटा था।
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इसके बाद भी वर्कशाप से बस को निकालकर फोरमैन ने रवाना करा दिया। जिस पर मजबूरी में चालक जितेंद्र ने खुद की सुरक्षा को हेलमेट लगाकर बस यात्रियों को लेकर बांदा रवाना हो गया। वहीं गुरुवार को बांदा डिपो की बस जैसे ही मुख्यालय में परेड ग्राउंड के पास आई तो खराबी आने से खड़ी हो गई। मजबूरी में यात्री पैदल रोडवेज तक आए। चालक की सूचना पर उसे टोचिंग कर डिपो स्थित वर्कशाप में खड़ी कराया गया। एआरएम उमेश कुमार आर्य ने कहा कि वर्कशाप में शीशे रखे नहीं है।
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वहीं दोपहर में बांदा से यात्री लेकर आ रही बांदा डिपो की बस बीच में खराब हो गई। जिसे दूसरी बस की मदद से टोचिंग कर वर्कशाप में खड़ा कराया गया है। जिले में आवागमन के लिए एक मात्र सहारा रोडवेज बसें ही हैं। परिवहन निगम की अधिकांश बसें क्षमता से अधिक किमी पार कर चुकी हैं।
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मरम्मत के अभाव में बसों की सीटें फटी हैं तो कहीं शीशे नहीं हैं। ठंड के मौसम में कोहरे को देखते हुए उनमें हाई मास्क लाइटें भी नहीं लगाई गईं हैं। गुरुवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला। मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो की बस बांदा के लिए रवाना हुई, लेकिन इसका आगे का शीशा टूटा था।
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इसके बाद भी वर्कशाप से बस को निकालकर फोरमैन ने रवाना करा दिया। जिस पर मजबूरी में चालक जितेंद्र ने खुद की सुरक्षा को हेलमेट लगाकर बस यात्रियों को लेकर बांदा रवाना हो गया। वहीं गुरुवार को बांदा डिपो की बस जैसे ही मुख्यालय में परेड ग्राउंड के पास आई तो खराबी आने से खड़ी हो गई। मजबूरी में यात्री पैदल रोडवेज तक आए। चालक की सूचना पर उसे टोचिंग कर डिपो स्थित वर्कशाप में खड़ी कराया गया। एआरएम उमेश कुमार आर्य ने कहा कि वर्कशाप में शीशे रखे नहीं है।