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मैथमेटिक्स टफ, फिजिक्स ने भी रुलाया
amarujala bearo
Updated Mon, 23 May 2016 12:33 AM IST
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बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन से जेईई मेंस की परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। देश की 22 आईआईटी और आईएसएम धनबाद में एडमिशन के लिए रविवार को हुए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस 2016 में मैथमेटिक्स और फिजिक्स का पेपर टफ बताया गया। स्टूडेंटों ने कहा कि पेपर काफी लंबा था, जिसे हल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका। केमिस्ट्री का पेपर सामान्य और सरल रहा। केमिस्ट्री में ज्यादातर क्वेश्चन आर्गेनिक और इन आर्गेनिक केमिस्ट्री से पूछे गए। मल्टीपल च्वाइस के कुछ क्वेश्चन ने जरूर परेशान किया।
पेपर का पैटर्न बदला
फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के पेपर का पैटर्न इस बार (2016) बदल गया। पिछली बार (2015) जहां 504 मार्क्स के क्वेश्चन पूछे गए थे, वहीं इस बार 372 मार्क्स के क्वेश्चन आए। सुबह की पाली (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) में 54 (हर सब्जेक्ट के 18-18 क्वेश्चन) क्वेश्चन का पेपर आया, जो कि 186 मार्क्स (हर सब्जेक्ट 62-62 मार्क्स) का रहा। शाम की पाली (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) में भी 186 मार्क्स के 54 क्वेश्चन पूछे गए।
माइनस मार्किंग ने रोका हाथ
माइनस मार्किंग ने स्टूडेंटों को तुक्का नहीं मारने दिया। सामान्य आब्जेक्टिव क्वेश्चन का आंसर गलत हुआ तो सही आंसर से एक मार्क्स कटेंगे। मल्टीपल च्वाइस (एक से ज्यादा आंसर वाले सवाल) का एक क्वेश्चन गलत हुआ तो सही आंसर से 2 मार्क्स कट जाएंगे। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के पहले पेपर में 24 मल्टीपल च्वाइस के 24 क्वेश्चन पूछे गए।
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नौ केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा
शहर के नौ केंद्रों पर 3350 स्टूडेंटों ने पेपर दिया। जेईई चेयरमैन प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि आईआईटी कानपुर परिक्षेत्र के यूपी, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में 45 एग्जामिनेशन सेंटर बनाए गए, जहां 18 हजार 111 स्टूडेंटों ने पेपर दिया है। देश भर में एक लाख 52 हजार स्टूडेंटों ने टेस्ट दिया। दुबई में भी केंद्र बना था।
माता-पिता का भी इम्तहान
कड़ी धूप में स्टूडेंटों के साथ ही उनके अभिभावक और माता-पिता ने भी इम्तहान दिया। स्टूडेंट को प्रवेश परीक्षा से डेढ़ घंटे (सुबह 7:30 बजे) पहले लेकर केंद्र पहुंचे, फिर तीन घंटे (सुबह 9 बजे से 12 बजे तक) पेपर दिलवाया। इसके बाद दो घंटे (दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक) इंतजार किया, फिर दूसरा पेपर (दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक) दिलवाया। इस दौरान माता-पिता परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर लू के थपेड़े खाते रहे।
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पेपर का पैटर्न बदला
फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के पेपर का पैटर्न इस बार (2016) बदल गया। पिछली बार (2015) जहां 504 मार्क्स के क्वेश्चन पूछे गए थे, वहीं इस बार 372 मार्क्स के क्वेश्चन आए। सुबह की पाली (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) में 54 (हर सब्जेक्ट के 18-18 क्वेश्चन) क्वेश्चन का पेपर आया, जो कि 186 मार्क्स (हर सब्जेक्ट 62-62 मार्क्स) का रहा। शाम की पाली (दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक) में भी 186 मार्क्स के 54 क्वेश्चन पूछे गए।
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माइनस मार्किंग ने रोका हाथ
माइनस मार्किंग ने स्टूडेंटों को तुक्का नहीं मारने दिया। सामान्य आब्जेक्टिव क्वेश्चन का आंसर गलत हुआ तो सही आंसर से एक मार्क्स कटेंगे। मल्टीपल च्वाइस (एक से ज्यादा आंसर वाले सवाल) का एक क्वेश्चन गलत हुआ तो सही आंसर से 2 मार्क्स कट जाएंगे। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के पहले पेपर में 24 मल्टीपल च्वाइस के 24 क्वेश्चन पूछे गए।
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नौ केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा
शहर के नौ केंद्रों पर 3350 स्टूडेंटों ने पेपर दिया। जेईई चेयरमैन प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि आईआईटी कानपुर परिक्षेत्र के यूपी, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में 45 एग्जामिनेशन सेंटर बनाए गए, जहां 18 हजार 111 स्टूडेंटों ने पेपर दिया है। देश भर में एक लाख 52 हजार स्टूडेंटों ने टेस्ट दिया। दुबई में भी केंद्र बना था।
माता-पिता का भी इम्तहान
कड़ी धूप में स्टूडेंटों के साथ ही उनके अभिभावक और माता-पिता ने भी इम्तहान दिया। स्टूडेंट को प्रवेश परीक्षा से डेढ़ घंटे (सुबह 7:30 बजे) पहले लेकर केंद्र पहुंचे, फिर तीन घंटे (सुबह 9 बजे से 12 बजे तक) पेपर दिलवाया। इसके बाद दो घंटे (दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक) इंतजार किया, फिर दूसरा पेपर (दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक) दिलवाया। इस दौरान माता-पिता परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर लू के थपेड़े खाते रहे।