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आज बेहद बेहद खुश हैं ‘सिंघाड़ा किसान’, जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट...
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 07:19 PM IST
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लबालब तालाबों में इस बार जमकर हुई पैदावार
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बांदा में इस साल जमकर हुई बारिश ने सिंघाड़ा किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। छह साल बाद पानी से लबालब तालाबों में सिंघाड़े की रिकॉर्ड पैदावार हुई है। हर छठवें दिन तालाबों से सिंघाड़े की खेप निकाली जा रही है।
तालाबों में पर्याप्त पानी न होने से कई सालों से सिंघाड़ा की खेती लगभग न के बराबर होती थी। इस साल बारिश जमकर हुई तो तालाब लबालब हो गए। किसानों ने उनमें सिंघाड़ा बो दिया। अब यह फल दे रहा है। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर गुरेह गांव के तालाब में इन दिनों सिंघाड़ा तोड़ने का सिलसिला जारी है। तीन बीघे के इस तालाब में प्रति बीघा तीन कुंतल पैदावार हुई है। किसान राजा, लाला, सुशील, बबली, हरीचंद्र, कालका राम, हरिया आदि ने बताया कि वह समूह बनाकर सिंघाड़े की खेती कर रहे हैं। हर छठवें दिन फल तोड़ा जा रहा है। एक पौध में 14 से 16 सिंघाड़े निकल रहे हैं। इन्हें तोड़ने के बाद छठवें दिन पुन: इसमें फल आ जाता है। किसानों ने बताया कि छह सालबाद यह सुखद सीजन आया है, जब वे फसल से कुछ कमाई कर रहे हैं। सिंघाड़े की भरपूर पैदावार होने से आसपास की मंडियों से आवक कम हो रही है। स्थानीय पैदावार ही बाजार में नजर आ रही है। हालांकि भाव 20 रुपये किलो हो गया है।
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तालाबों में पर्याप्त पानी न होने से कई सालों से सिंघाड़ा की खेती लगभग न के बराबर होती थी। इस साल बारिश जमकर हुई तो तालाब लबालब हो गए। किसानों ने उनमें सिंघाड़ा बो दिया। अब यह फल दे रहा है। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर गुरेह गांव के तालाब में इन दिनों सिंघाड़ा तोड़ने का सिलसिला जारी है। तीन बीघे के इस तालाब में प्रति बीघा तीन कुंतल पैदावार हुई है। किसान राजा, लाला, सुशील, बबली, हरीचंद्र, कालका राम, हरिया आदि ने बताया कि वह समूह बनाकर सिंघाड़े की खेती कर रहे हैं। हर छठवें दिन फल तोड़ा जा रहा है। एक पौध में 14 से 16 सिंघाड़े निकल रहे हैं। इन्हें तोड़ने के बाद छठवें दिन पुन: इसमें फल आ जाता है। किसानों ने बताया कि छह सालबाद यह सुखद सीजन आया है, जब वे फसल से कुछ कमाई कर रहे हैं। सिंघाड़े की भरपूर पैदावार होने से आसपास की मंडियों से आवक कम हो रही है। स्थानीय पैदावार ही बाजार में नजर आ रही है। हालांकि भाव 20 रुपये किलो हो गया है।
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