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कानपुर: शोभन सरकार के मंदिर के पास आकर लौटा टिड्डी दल, 31 साल बाद हुआ हमला
Mon, 29 Jun 2020 08:56 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 29 Jun 2020 08:56 AM IST
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टिड्डी दल
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में आधा किमी लंबे तीन टिड्डी दल नगर में घुसे और फिर दूसरी ओर चले गए। इनमें से एक दल मटियानी, शोभन सरकार के मंदिर तक आया और फिर कानपुर देहात की तरफ लौट गया। जबकि दो दल बिठूर होते हुए उन्नाव की तरफ चले गए। शोधों के मुताबिक एक किमी लंबे टिड्डी दल मेें 40 लाख टिड्डियां होती है।
टिड्डियों का यह हमला 31 साल बाद हुआ है। इससे पहले वर्ष 1989 में टिड्डियां निकली थीं। इनके दल में नर और मादा दोनों होते हैं। रविवार सुबह टिड्डी दल ने कानपुर देहात इलाके से उड़ान भरी। टिड्डियां करीब 20-20 लाख के आधा किमी लंबे दलों में बंट गईं और अलग-अलग तरफ निकल पड़ीं।
जिला प्रशासन, कृषि विभाग के अधिकारी सुबह से ही इनके मूवमेंट पर नजर रखे थे। इनमें ध्वनि संवेदनशीलता अधिक होती है। जिससे इन्हें भगाने के लिए गांव वाले ढोल, मंजीरा, नागड़े, थाली, टिन लेकर पहले से ही तैयार बैठे थे। टिड्डियाें को देख चारों तरफ से हांका जैसी आवाजें आने लगीं।
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उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि नगर में टिड्डियों के तीन दल आए थे। दो बिठूर होते हुए उन्नाव निकल गए। और एक शोभन सरकार के मंदिर के पास से वापस कानपुर देहात लौट गया। फसलों पर रसायन का छिड़काव कराया गया है। सीएसए के एंटोमोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मराज सिंह ने बताया कि एक किमी लंबे दल में करीब 40 लाख टिड्डियां होती हैं।
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टिड्डियों का यह हमला 31 साल बाद हुआ है। इससे पहले वर्ष 1989 में टिड्डियां निकली थीं। इनके दल में नर और मादा दोनों होते हैं। रविवार सुबह टिड्डी दल ने कानपुर देहात इलाके से उड़ान भरी। टिड्डियां करीब 20-20 लाख के आधा किमी लंबे दलों में बंट गईं और अलग-अलग तरफ निकल पड़ीं।
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जिला प्रशासन, कृषि विभाग के अधिकारी सुबह से ही इनके मूवमेंट पर नजर रखे थे। इनमें ध्वनि संवेदनशीलता अधिक होती है। जिससे इन्हें भगाने के लिए गांव वाले ढोल, मंजीरा, नागड़े, थाली, टिन लेकर पहले से ही तैयार बैठे थे। टिड्डियाें को देख चारों तरफ से हांका जैसी आवाजें आने लगीं।
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उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि नगर में टिड्डियों के तीन दल आए थे। दो बिठूर होते हुए उन्नाव निकल गए। और एक शोभन सरकार के मंदिर के पास से वापस कानपुर देहात लौट गया। फसलों पर रसायन का छिड़काव कराया गया है। सीएसए के एंटोमोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मराज सिंह ने बताया कि एक किमी लंबे दल में करीब 40 लाख टिड्डियां होती हैं।