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Kanpur News: तीन सदस्यीय कमेटी करेगी हैलट में मौत के मामले की जांच
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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत मामले में प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जांच कमेटी गठित की है। उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरी की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी में डॉ. श्रद्धा वर्मा और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर के सिंह हैं। प्राचार्य ने कहा कि कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द जांच कर मामले की रिपोर्ट सौंपे।
सुल्तानपुर निवासी रामखिलावन पांडेय ने आईजीआरएस में शिकायत की थी कि उनकी पत्नी ममता की बच्चेदानी में कुछ समस्या थी। इलाज के लिए हैलट के जच्चा-बच्चा के स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद ममता नौ जनवरी को ममता को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। ऑपरेशन के 20 दिन बाद उसके पेट में तेज दर्द होने पर सर्वोदय नगर में एक डॉक्टर को दिखाया। एक्सरे में पता चला कि ऑपरेशन के बाद पेट में कॉटन छोड़ देने से असहनीय दर्द हो रहा था। छह माह इलाज के बाद आर्थिक संकट होने पर फिर से हैलट के सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया, जहां उसकी हालत काफी खराब हो गई और 20 अगस्त को मौत हो गई। रामखिलावन ने शिकायत में महिला डॉक्टर की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि आईजीआरएस से महिला डॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायत को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भेज दिया गया है।
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सुल्तानपुर निवासी रामखिलावन पांडेय ने आईजीआरएस में शिकायत की थी कि उनकी पत्नी ममता की बच्चेदानी में कुछ समस्या थी। इलाज के लिए हैलट के जच्चा-बच्चा के स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद ममता नौ जनवरी को ममता को अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। ऑपरेशन के 20 दिन बाद उसके पेट में तेज दर्द होने पर सर्वोदय नगर में एक डॉक्टर को दिखाया। एक्सरे में पता चला कि ऑपरेशन के बाद पेट में कॉटन छोड़ देने से असहनीय दर्द हो रहा था। छह माह इलाज के बाद आर्थिक संकट होने पर फिर से हैलट के सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया, जहां उसकी हालत काफी खराब हो गई और 20 अगस्त को मौत हो गई। रामखिलावन ने शिकायत में महिला डॉक्टर की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि आईजीआरएस से महिला डॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायत को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भेज दिया गया है।
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