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उन्नाव: युवक की हत्या में तीन दोस्तों को उम्र कैद, तीनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
Wed, 10 Mar 2021 09:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 10 Mar 2021 09:47 PM IST
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उन्नाव जिले में रुपयों के लेनदेन में युवक की हत्या करने वाले तीन दोस्तों को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सदर कोतवाली के तकीनगर निवासी फिरोज अली की मोहल्ले में ही कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
नौ जून 2015 को मृतक के पिता अशफाक अली ने मोहल्ले के ही गुफरान उर्फ ड्रैगन, मोहम्मद इस्लाम व अंगद उर्फ छंगा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियुक्तों ने हत्या से पहले मृतक की बहन गुड़िया को फोन किया और रुपये न लौटाने पर फिरोज को जान से मार देने की धमकी दी थी।
पिता के अनुसार फोन पर धमकी मिलने के बाद उसने बेटे की तलाश शुरू की तो शव भरत मिलाप मैदान स्थित पानी की टंकी के पास मिला। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट में चल रही थी।
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सभी गवाहों के बयान, अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश अवधेश कुमार ने गुफरान, मोहम्मद इस्लाम और अंगद को फिरोज की हत्या का दोषी पाया। तीनों को सजा सुनाई। जुर्माना राशि की आधी धनराशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव ने पैरवी की।
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नौ जून 2015 को मृतक के पिता अशफाक अली ने मोहल्ले के ही गुफरान उर्फ ड्रैगन, मोहम्मद इस्लाम व अंगद उर्फ छंगा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियुक्तों ने हत्या से पहले मृतक की बहन गुड़िया को फोन किया और रुपये न लौटाने पर फिरोज को जान से मार देने की धमकी दी थी।
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पिता के अनुसार फोन पर धमकी मिलने के बाद उसने बेटे की तलाश शुरू की तो शव भरत मिलाप मैदान स्थित पानी की टंकी के पास मिला। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट में चल रही थी।
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सभी गवाहों के बयान, अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश अवधेश कुमार ने गुफरान, मोहम्मद इस्लाम और अंगद को फिरोज की हत्या का दोषी पाया। तीनों को सजा सुनाई। जुर्माना राशि की आधी धनराशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव ने पैरवी की।