{"_id":"5d8f8b038ebc3e01346ccc47","slug":"three-farmers-committed-suicide-in-banda-and-hamirpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बांदा और हमीरपुर में तीन किसानों ने की खुदकुशी, फसल का नुकसान और कर्ज का दबाव बना कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बांदा और हमीरपुर में तीन किसानों ने की खुदकुशी, फसल का नुकसान और कर्ज का दबाव बना कारण
Sat, 28 Sep 2019 10:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 28 Sep 2019 10:02 PM IST
विज्ञापन
3 किसानों ने लगाई फांसी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फसलों के नुकसान और कर्ज के दबाव से टूटकर बांदा में दो और हमीरपुर जनपद में एक किसान ने खुदकुशी कर ली। बांदा में बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगांव गांव में ललक सिंह (40) पुत्र राम सिंह ने शुक्रवार की रात लुंगी से गले में फंदा कसकर जान दे दी।
दूसरी घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र के जवाहर नगर में हुई। यहां प्रेमचंद्र (37) पुत्र श्यामलाल ने शुक्रवार की रात साफी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हमीरपुर के राठ क्षेत्र में चिकासी गांव निवासी जयपाल (48) पुत्र मानसिंह ने शनिवार सुबह रस्सी का फंदा गले में कसकर खुदकुशी कर ली।
चचेरे भाई जयकरन सिंह लोधी ने ज्यादा बारिश से तिल की खेती बर्बाद होने को खुदकुशी की वजह बताया है। इसी तरह बिलगांव निवासी ललक सिंह के पुत्र ने बताया कि 16 बीघा खेती से उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं हुई। आर्यावर्त बैंक, बिलगांव शाखा से तीन साल पूर्व पौने तीन लाख रुपये लिए कर्ज का दबाव था।
विज्ञापन
बाद में बहन की शादी में भी पिता को रिश्तेदार से कर्ज लेना पड़ा था। कर्ज के तनाव और खेती से मिली निराशा में पिता ने आत्महत्या कर ली। प्रेमचंद्र के बड़े भाई बिंदा प्रसाद ने बताया कि दो बीघा जमीन से जीवनयापन कर रहे भाई ने पत्नी रूपा के इलाज में लगभग 60 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। बारिश से फसल डूबने पर अच्छी आमदनी की उम्मीद भी टूट गई और आत्मघाती कदम उठा लिया।
विज्ञापन
दूसरी घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र के जवाहर नगर में हुई। यहां प्रेमचंद्र (37) पुत्र श्यामलाल ने शुक्रवार की रात साफी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हमीरपुर के राठ क्षेत्र में चिकासी गांव निवासी जयपाल (48) पुत्र मानसिंह ने शनिवार सुबह रस्सी का फंदा गले में कसकर खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
चचेरे भाई जयकरन सिंह लोधी ने ज्यादा बारिश से तिल की खेती बर्बाद होने को खुदकुशी की वजह बताया है। इसी तरह बिलगांव निवासी ललक सिंह के पुत्र ने बताया कि 16 बीघा खेती से उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं हुई। आर्यावर्त बैंक, बिलगांव शाखा से तीन साल पूर्व पौने तीन लाख रुपये लिए कर्ज का दबाव था।
विज्ञापन
बाद में बहन की शादी में भी पिता को रिश्तेदार से कर्ज लेना पड़ा था। कर्ज के तनाव और खेती से मिली निराशा में पिता ने आत्महत्या कर ली। प्रेमचंद्र के बड़े भाई बिंदा प्रसाद ने बताया कि दो बीघा जमीन से जीवनयापन कर रहे भाई ने पत्नी रूपा के इलाज में लगभग 60 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। बारिश से फसल डूबने पर अच्छी आमदनी की उम्मीद भी टूट गई और आत्मघाती कदम उठा लिया।