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1 हजार लोगों के बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने का दावा, सांसद सावित्रीबाई फूले ने कही ये बातें

Sat, 20 Oct 2018 10:48 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 20 Oct 2018 10:48 PM IST
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thousand of people claim to adopt Buddhism
कार्यक्रम में शपथ लेते बौद्ध धर्म के अनुयायी - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कानपुर देहात में स्थानीय मंडी स्थल में शुक्रवार की रात आंबेडकर-बौद्ध दीक्षा मेला संपन्न हुआ। बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने कस्बे में शोभायात्रा निकाली। आयोजकों ने हर साल की तरह इस साल भी हजारों लोगों के मुंडन करा बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने का दावा किया है।  
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अनुसूचित जाति, जनजाति के प्रधान महासचिव केपी चौधरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि प्रधान आयकर आयुक्त सुबचनराम, सांसद सावित्री बाई फूले ने तथागत बुद्ध और डॉ. आंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सुबचनराम ने कहा कि अपने अधिकारों को पाने के लिए समाज को एकजुट रहकर संघर्ष करना पड़ेगा। मुख्य वक्ता बहराइच सांसद सावित्रीबाई फूले ने कहा कि बहुजन समाज को कांशीराम की विचारधारा पर चलने की बात की। महिलाओं को भगवान और अंधविश्वास से हटने और सम्मान के प्रति सचेत रहने की दिशा दी।
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उन्होंने अंधविश्वास से छुटकारा दिलाया

thousand of people claim to adopt Buddhism
मुंडन करा कराते लोग   - फोटो : अमर उजाला
मेला संस्थापक धनीराव बौद्ध ने कहा कि बौद्ध धर्म दया, करुणा, मैत्री और विश्वबंधुत्व की शिक्षा देता है। भगवान बुद्ध के दर्शन का जिस देश या व्यक्ति ने अनुशरण किया, उसकी तरक्की हो गई। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म के अनुरूप ही अपनी विचारधारा से समाज को प्रेरित किया। उन्होंने अंधविश्वास से छुटकारा दिलाया और सम्मान व स्वाभिमान से जीना सिखाया। बौद्ध भिक्षु और पंचशील पाठ के बाद मौजूद लोगों को बौद्ध धम्म की दीक्षा देकर धम्म संस्कार संपन्न कराया। बौद्ध भिक्षु ने बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं की शपथ दिलाई। 

भारतीय दलित पैंथर के जिलाध्यक्ष पिंकू सचान ने कहा कि दशहरा के दिन सम्राट अशोक ने युद्ध न कर बौद्ध मत अंगीकार किया था। हिंसा पर अहिंसा की विजय के कारण ही इस दिन को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है। इसके पहले शाम को महात्मा गौतम बुद्ध, डॉ. भीमराव अंबेडकर, रावण और अन्य महापुरुषों की झांकियां सजाकर जुलूस निकाला गया। रात में बुद्ध कथा पर आधारित नाटक का मंचन भी किया।
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