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इस बच्ची पर किस्मत थी मेहरबान तभी ताे बच गर्ई
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 23 May 2017 08:52 AM IST
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मान्या
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मान्या की किस्मत अच्छी थी तभी तो वो अकाल मौत से बच गई। मान्या का पूरा परिवार एक रात में खत्म हो गया। सोमवार सुबह चकेरी इलाके के लाल बंग्ला में कपड़ा कारोबारी नीरज जैन (45), उनकी मां मेमदेवी जैेन (70) , पत्नी शिम्पी जैन (38), उज्जवल जैन (10) की घर में आग लगने की वजह से जिंदा जलकर मौत हो गई थी। उनकी बेटी मान्या नानी के घर गई हुई थी तभी उसकी जान बच गई।
मान्या अपने भाई उज्ज्वल के नाना सूरज नारायण अग्रवाल के घर दो दिन पहले ही गई हुई थी। रविवार को ही उज्जवल वहां से वापस लाल बंग्ला स्थित अपने घर आया था। मृतक कारोबारी नीरज जैन की पत्नी शिल्पी के भाई अंकित अग्रवाल ने कहा कि मान्या भी मम्मी-पापा के पास जाने को कह रही थी उसे मंगलवार को बहन के पास भेजने की तैयारी थी। रविवार रात को ही उज्जवल को शिल्पी और नीरज के पास भेजा गया तभी ये घटना हो गई।
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मान्या अपने भाई उज्ज्वल के नाना सूरज नारायण अग्रवाल के घर दो दिन पहले ही गई हुई थी। रविवार को ही उज्जवल वहां से वापस लाल बंग्ला स्थित अपने घर आया था। मृतक कारोबारी नीरज जैन की पत्नी शिल्पी के भाई अंकित अग्रवाल ने कहा कि मान्या भी मम्मी-पापा के पास जाने को कह रही थी उसे मंगलवार को बहन के पास भेजने की तैयारी थी। रविवार रात को ही उज्जवल को शिल्पी और नीरज के पास भेजा गया तभी ये घटना हो गई।
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