फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   They used to leave with tiffin in the morning, used to cheat by calling in groups of five from keypad mobiles.

Kanpur News: सुबह टिफिन लेकर निकलते थे, पांच-पांच के समूह में की-पैड मोबाइल से काॅल कर करते थे ठगी

Fri, 10 Apr 2026 02:49 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
They used to leave with tiffin in the morning, used to cheat by calling in groups of five from keypad mobiles.
कानपुर। घाटमपुर के रेउना क्षेत्र के गांव में साइबर अपराध से जुड़े कई आरोपी नौकरी करने की बात कहकर ठगी का खेल में शामिल थे। वह सुबह अपने साथ टिफिन लेकर काम पर जाने की बात कहकर निकलते और शाम को बाजार से फल और सब्जी लेकर लौटते थे। गिरोह ने बचने के लिए फुल प्रूफ तैयारी की थी। की-पैड मोबाइल से पांच-पांच के समूह में लोगों को कॉल कर शिकार बनाया जाता था। यह जानकारी पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में हासिल हुई है। साइबर क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और पुलिस फरार शातिरों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन

रेउना क्षेत्र में साइबर क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और पुलिस ने ड्रोन की मदद से छापेमारी कर साइबर अपराध करने के आरोप में 20 लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि 14 फरार हो गए थे। इस कार्रवाई में 20 चार पहिया और 50 दो पहिया वाहनों से 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि गिरोह भले ही पढ़ा लिखा नहीं था, लेकिन उनका तरीका काफी शातिर था। उनकी सारी कॉल की-पैड मोबाइल से होती थी, जबकि एंड्राइड फोन से पुलिस का सायरन बजाने का कार्य किया जाता था। आरोपी छोटे-छोटे समूह में अलग अलग खेतों में बैठकर कॉल किया करते थे। उनकी सुरक्षा के लिए खेतों के रास्ते में किशोर, बच्चे और बुजुर्गों की ड्यूटी लगाई जाती थी। यह सूचनाएं देने का काम करते थे। अगर कोई नया व्यक्ति या कार आती थी तो तुरंत इसकी जानकारी टीम को देते थे। गिरोह में शामिल शैलेंद्र का इतिहास खंगाला जा रहा हे। वह चेन्नई और महाराष्ट्र के गैंग में लंबे समय तक शामिल था। उसने ही गांव से कई युवकों को वहां बुलाया था और इसी तरह का कार्य शुरू कर दिया। वहां की पुलिस की दबिश में आरोपी भागकर गांव में आ गए।
विज्ञापन

एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े आरोपियों की संख्या काफी अधिक है। इन लोगों ने ए, बी, सी, डी...एल्फाबेट से अपनी टीम के नाम रखे हुए थे। एक टीम दूसरे को संदेश भेजती थी। अगर कोई दिक्कत होती थी तो तुरंत बैकअप में गांव के अन्य लड़कों को आने के लिए कहा जाता था। आरोपियों के पास मिले मोबाइल सिम फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए गए हैं। पुलिस को कई बैंक खाते भी मिले हैं। यह म्यूल अकाउंट होंगे। आरोपियों ने दूसरे के नाम पर खुलवाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी अधिकारियों के हाव-भाव, उनका स्टाइल, बोलने और निर्देश देने का तरीका अच्छी तरह से देखा करते थे। इसके लिए समाधान दिवस, थाना दिवस, तहसील और अन्य जगहों पर जाया करते थे। कई बार गुपचुप तरीके से थाने गए और अपराध की जानकारी जुटाई। कॉल करने पर दूसरी ओर से कोई जानकार बात करने लगता था तो बातचीत की जिम्मेदारी दूसरा संभाल लेता था। इसी तरह से अन्य विभागों की जानकारी हासिल करते थे। सरकारी योजनाओं, उसमें लगने वाले दस्तावेज, बैंक में केवाईसी फॉर्म, ओटीपी आदि की जानकारी रखते थे। इतना ही नहीं आरोपियों ने अपने मोबाइल में विभिन्न पेमेंट बैंक के एप डाउनलोड कर रखे थे, जिसमें बारकोड के सहारे रकम मंगवाया करते थे। इन एप में केवाईसी की आवश्कता नहीं पड़ती थी। आरोपियों
-----------------------
26 बैंक खातों में मिले दस लाख रुपये
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों के कई खाते मिले हैं, जिनमें से 26 में लगभग 10 लाख रुपये थे। रकम को फ्रीज कराया गया है। यह बैंक खाते अलग अलग बैंकों में है। और जानकारी जुटाई जा रही है।


- रेउना के यूपी ग्रामीण बैंक में रोहित सिंह के खाते में 4.44 लाख रुपये।
- रेउना के यूपी ग्रामीण बैंक में पुष्पेंद्र के खाते में 2.85 लाख रुपये।
- बहलामऊ के यूपी ग्रामीण बैंक में किशन सिंह के खाते में 5.17 लाख रुपये।
- रठिगांव के यूपी ग्रामीण बैंक में करन के खाते में 52 हजार रुपये।
- गुजैनी के यूपी ग्रामीण बैंक में राजा सिंह के खाते में 48 हजार रुपये।
- पंजाब नेशनल बैंक में रमेश के खाते में 6 लाख रुपये।
- पंजाब नेशनल बैंक में रोहित सिंह के खाते में छह लाख रुपये।
--------------------------
बिधनू, घाटमपुर, मूसानगर में लिए प्लॉट
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरोह में शामिल आरोपी अपने पास ज्यादा रुपये नहीं लेते थे। उन रुपयों को प्लॉट, दुकान और लोडर खरीदने में लगाते थे। पुलिस को बिधनू, घाटमपुर, मूसानगर, गजनेर, नौबस्ता में भी प्लॉट खरीदने की जानकारी हुई है। पुलिस शुक्रवार को कुछ और बैंकों से डिटेल हासिल करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed