{"_id":"687554bd99a95c3d2e0505ca","slug":"there-is-no-light-in-the-mortuary-panchnama-done-in-the-light-of-mobile-etawa-news-c-216-1-etw1002-128078-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मोर्चरी में नहीं रोशनी, मोबाइल की रोशनी में पंचनामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मोर्चरी में नहीं रोशनी, मोबाइल की रोशनी में पंचनामा
विज्ञापन
बकेवर। कस्बा स्थित 50 शैया अस्पताल की मोर्चरी में रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यहां पुलिस को अंधेरे में अपने मोबाइल फोन की रोशनी से शव का पंचनामा भरना पड़ता है। परिजनों को अंधेरे में ही शव की जांच करानी पड़ती है। कई बार लोग मोर्चरी में बिजली व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है।
50 शैया अस्पताल की इमरजेंसी में हर रोज दुर्घटना के दो से चार तक मामले आते हैं जिनमें कई बार घायलों की मौत भी हो जाती है इसपर शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया जाता है। जब शाम तक पुलिस यहां शव का पंचनामा भरने पहुंचती है तो अंधेरे के चलते पंचनामा भरने के दौरान शव पर चोट आदि के निशानों को देखने के लिए मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि मोर्चरी में रोशनी के लिए बल्व तो लगा है, लेकिन इनवर्टर से कनेक्शन नहीं है। जल्द ही कनेक्शन कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
50 शैया अस्पताल की इमरजेंसी में हर रोज दुर्घटना के दो से चार तक मामले आते हैं जिनमें कई बार घायलों की मौत भी हो जाती है इसपर शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया जाता है। जब शाम तक पुलिस यहां शव का पंचनामा भरने पहुंचती है तो अंधेरे के चलते पंचनामा भरने के दौरान शव पर चोट आदि के निशानों को देखने के लिए मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है।
विज्ञापन
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि मोर्चरी में रोशनी के लिए बल्व तो लगा है, लेकिन इनवर्टर से कनेक्शन नहीं है। जल्द ही कनेक्शन कराया जाएगा।
विज्ञापन