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कानपुर: अभी और सताएगी ठंड, फिलहाल राहत के नहीं आसार
Fri, 28 Jan 2022 07:42 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 Jan 2022 07:42 PM IST
सार
मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी शीत लहर जारी रहेगी। इसके अलावा 29 जनवरी तक एक और पश्चिमी विक्षोभ के हिमालय पहुंचने का अनुमान है। इससे भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा, जिससे मौसमी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
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सर्द मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में ठंड अभी कुछ दिन और कंपकंपी छुटवाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी शीत लहर जारी रहेगी। इसके अलावा 29 जनवरी तक एक और पश्चिमी विक्षोभ के हिमालय पहुंचने का अनुमान है। इससे भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनेगा, जिससे मौसमी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।
सीएसए के मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार से रविवार तक शीत लहर की गति तेज हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ आने के बाद कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने वाला है। इससे पारा और नीचे जा सकता है। धुंध बनी रहेगी। बादल छंटने का अनुमान है लेकिन सुबह और शाम कोहरा बढ़ेगा।
मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बादल छंटने से दिन में कुछ राहत रही, लेकिन सर्द हवाओं की वजह से ठंडक बनी रही। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 17.5 रहा। न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री कम 4.6 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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डॉ. पांडेय ने बताया कि इस बार कड़कड़ाती ठंड और पारे के बार-बार नीचे गिरने की वजह ला नीना इफेक्ट है। यह एक मौसम गतिविधि है। इसकी वजह से प्रशांत महासागर में बदलाव आता है। इसका प्रभाव असामान्य मौसम के रूप में दिखाई पड़ता है।
यह है ला नीना
ला नीना स्पेनी भाषा का शब्द है। इसका मतलब होता है छोटी बच्ची। यह प्रक्रिया प्रशांत महासागर में घटित होती है। इसके प्रभाव से हवा अधिक तेज बहती है। भूमध्य रेखा और उसके आसपास का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है। महासागर का तापमान पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है।
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सीएसए के मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार से रविवार तक शीत लहर की गति तेज हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ आने के बाद कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने वाला है। इससे पारा और नीचे जा सकता है। धुंध बनी रहेगी। बादल छंटने का अनुमान है लेकिन सुबह और शाम कोहरा बढ़ेगा।
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मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि बादल छंटने से दिन में कुछ राहत रही, लेकिन सर्द हवाओं की वजह से ठंडक बनी रही। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 17.5 रहा। न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री कम 4.6 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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डॉ. पांडेय ने बताया कि इस बार कड़कड़ाती ठंड और पारे के बार-बार नीचे गिरने की वजह ला नीना इफेक्ट है। यह एक मौसम गतिविधि है। इसकी वजह से प्रशांत महासागर में बदलाव आता है। इसका प्रभाव असामान्य मौसम के रूप में दिखाई पड़ता है।
यह है ला नीना
ला नीना स्पेनी भाषा का शब्द है। इसका मतलब होता है छोटी बच्ची। यह प्रक्रिया प्रशांत महासागर में घटित होती है। इसके प्रभाव से हवा अधिक तेज बहती है। भूमध्य रेखा और उसके आसपास का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है। महासागर का तापमान पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है।