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Kanpur News: 70 होटल-ढाबों व 38 सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं

Wed, 07 May 2025 01:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 07 May 2025 01:22 AM IST
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There are no fire safety arrangements in 70 hotels and 38 government hospitals
अकबरपुर सीएचसी में अग्निसुरक्षा प्रबंध व दीवार पर लगा अग्निशमन यंत्र। - फोटो : संवाद
कानपुर देहात। जिले में 70 होटल-ढाबा में आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम नहीं हैं। वहीं 38 सरकारी अस्पतालों में भी आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम की कमी है। कहीं फायर फाइटिंग उपकरण नहीं है तो कहीं सुरक्षा केवल अग्निशमन यंत्र के भरोसे है। ऐसे में आग लगने पर जान का खतरा बना रहता है।
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जिले में पिछले दिनों की अग्निसुरक्षा सप्ताह में लोगों को आग से बचाव के प्रति जनजागरूक करने का अभियान चलाया गया। मगर केवल जनजागरूकता के भरोसे अग्निसुरक्षा नहीं हो सकती। जिले में अकबरपुर, पुखरायां, सिकंदरा, रनियां, रायपुर आदि जगह होटल व ढाबा संचालित हैं। इटावा कानपुर हाईवे व कानपुर झांसी हाईवे किनारे कई ढाबा व होटल खुले हैं। बहुमंजिला इमारत वाले इन होटलों में लोग रुकते हैं। मगर यहां जरूरत के अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। कुछ होटलों में छोटे अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं मगर आग लगी तो यह नाकाफी साबित होंगे।
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इसी प्रकार ढाबों में तो आग से सुरक्षा के इंतजामों का टोटा है। बिना आग से सुरक्षा वाले कुल 70 होटल-ढाबा हैं। इसी प्रकार सरकारी अस्पतालों में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। जिले में 28 पीएचसी समेत 38 अस्पताल हैं जहां आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजामों की कमी है। पीएचसी में तो पांच या छह अग्निशमन यंत्र के भरोसे आग से सुरक्षा का दावा हो रहा है। हर दिन यहां मरीज आते हैं।
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कई बार मरीजों को भर्ती कर उपचार कराया जाता है। वहीं कई पीएचसी में प्रसव की सुविधा भी है। आग लगने पर जज्जा, बच्चा व उनके परिजनों की जान का खतरा बना है। माती स्थित मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार जिले में 70 होटल-ढाबा व 38 सरकारी अस्पतालों में अग्निशमन इंतजाम नहीं है। जरूरत के इंतजाम न होने से फायर एनओसी की प्रक्रिया भी अटकी है। नोटिस थमाए जाने के बाद भी आग से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं नहीं जुटाई गई हैं। आपातकालीन स्थिति पैदा हुई तो जिंदगी दांव पर लगनी तय है।
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बिना फायर एनओसी संचालित एक निजी अस्पताल

पुखरायां क्षेत्र में एक निजी अस्पताल बिना फायर एनओसी संचालित है। ऐसे में आग लगी तो अधिक नुकसान होने का खतरा बना है। हालांकि जिले के अन्य 70 निजी अस्पतालों में फायर एनओसी है। इन सभी में आग से बचाव के इंतजाम हैं। अग्निशमन अधिकारियों की ओर से निरीक्षण कर उपकरणों की क्रियाशीलता परखी गई है।



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वर्जन.......

नोटिस दिए जाने के बाद भी होटल-ढाबों में आग से बचाव के संसाधन नहीं जुटाए गए हैं। वहीं 38 सरकारी अस्पताल भी बिना फायर एनओसी के संचालित हैं। पीएचसी में केवल छोटे अग्निशमन यंत्र ही उपलब्ध हैं। कुछ सीएचसी में अग्निशमन इंतजाम कराए गए हैं। हालांकि एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया है। फायर फाइटिंग के लिए प्रशिक्षित कर्मी भी मुस्तैद होने जरूरी हैं। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी कानपुर देहात




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आग से बचाव के लिए ये इंतजाम जरूरी

अस्पताल परिसर, होटल व ढाबा में अग्नि सुरक्षा प्रणाली होनी चाहिए। इसमें मानक के अनुसार अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट, भूमिगत व ओवर हेड पानी का टैंक होना चाहिए। भूमिगत व ओवर हेड टैंक से दबाव युक्त पानी निकासी के लिए मोटर भी लगी होनी चाहिए। इसके साथ ही मैनुअल फायर अलार्म, स्मोक अलार्म भी जरूरी है।
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