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अब खुलेगा खेल: बैंक ने शुरू की विजिलेंस जांच, कर्मियों से पूछताछ, ग्राहकों से भी मिली टीम

Fri, 08 Apr 2022 12:14 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 08 Apr 2022 12:14 PM IST
सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना शाखा के नौ लॉकरों से तीन करोड़ के गहने गायब हो चुके हैं। इस मामले में बैंक ने विजिलेंस जांच शुरू की है। घटना के बाद से 238 लॉकरों को चेक किया जा चुका है। 

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Theft from central bank of india lockers, bank starts vigilance investigation 
बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ करती विजिलेंस टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना शाखा में एक के बाद एक नौ लॉकरों से तीन करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी होने के मामले की बैंक ने अब विजिलेंस जांच शुरू की है। बनारस से आए अफसर ने लॉकर संबंधी सभी जानकारी जुटाई और स्टाफ से पूछताछ की। साथ ही माम दस्तावेज के साथ ही लॉकर रूम आदि को देखा। जिनका सामान गायब हुआ है उनके बारे में भी जानकारी जुटाई। संभव है कि पीड़ितों से भी अलग से पूछताछ की जाए।

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हालांकि इतने मामले सामने आने के बाद इतनी देरी से विजिलेंस जांच शुरू होने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। वहीं गुरुवार को 26 ग्राहकों ने अपने लॉकर ऑपरेट किए। नोएडा-गाजियाबाद से भी ग्राहक आए। राहत की बात यह रही कि सब ठीक मिला। अब तक 238 लॉकरों को चेक किया जा चुका है।

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Theft from central bank of india lockers, bank starts vigilance investigation 
क्षेत्रीय विधायक अमिताभ बाजपेई मामले की जानकारी लेते हुए - फोटो : अमर उजाला

14 मार्च को मंजू भट्टाचार्य और उसके कुछ दिन बाद सीता गुप्ता ने लाखों रुपये के जेवरात लॉकर से चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद बुधवार तक नौ लॉकरों से गहने गायब होने का पता चला। लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय अब भी फरार है। रायपुरवा स्थित फ्लैट पर भी ताला पड़ा है। बनारस से आए विजिलेंस अफसर रोहित निगम ने सुबह शाखा पहुंचकर लॉकरों से जुड़े पीड़ितों की ओर से दी गई शिकायत, अब तक की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज, लॉकर रूम आदि को देखा। स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ की। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय ने विजिलेंस जांच शुरू होने की पुष्टि की है।

दो प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड भी संदिग्ध
सूत्रों ने बताया कि बैंक में कुछ समय पहले तक प्राइवेट गार्ड काम करते थे। वो कोरोना काल में भी रहे। इस दौरान बैंकों में कामकाज बेहद सीमित था। इनकी पहुंच बैंक के हर कोने तक थी। लेकिन बाद में इन्हें हटा दिया गया, हालांकि इन्हें क्यों हटाया गया इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। ऐसे में इन प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।

नोएडा से लॉकर चेक करने पहुंचे, ली राहत की सांस
बैंक में गुरुवार को सुबह करीब 13 ग्राहक शाखा खुलने के साथ पहुंच गए थे। सभी ने एक-एक कर अपने लॉकर चेक किए। जनरलगंज निवासी विजय चौधरी, आनंदपुरी निवासी विनोद जैन, सिविल लाइंस निवासी राधे गुप्ता, पत्नी गीता देवी के साथ लॉकर चेक करने पहुंचे। गाजियाबाद से आए एके बाजपेयी ने बताया कि अखबार में लॉकर से सामान चोरी होने की खबरें पढ़कर लॉकर चेक करने पहुंच गए। सारा सामान सुरक्षित देख सभी ने राहत की सांस ली। 

विधान सभा में उठाएंगे मामला
क्षेत्रीय विधायक अमिताभ बाजपेई भी गुरुवार को बैंक शाखा पहुंचे। यहां पर मौजूद चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार से मामले की जानकारी ली। वहीं बाद में पत्रकारों से कहा कि बैंक लॉकरों को सबसे सुरक्षित माना जाता है लेकिन अब लॉकर भी सुरक्षित नहीं है। पूरे मामले की जांच की जाए और मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। उन्होंने कहा कि विधान सभा में भी मामला उठाया जाएगा। 

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